Shubham Jaiswal spoke from Dubai : 'मैं निर्दोष हूँ, बेबुनियाद आरोपों ने जिंदगी बर्बाद कर दी'
India News Live,Digital Desk : कोडिन कफ सीरप के अवैध कारोबार में नाम उछलने के बाद फरार चल रहे शुभम जायसवाल ने इंटरनेट मीडिया पर एक 13 मिनट का वीडियो जारी किया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उसने दुबई में रहते हुए रिकॉर्ड किया है। वीडियो में शुभम बेहद तनाव में दिख रहा है और खुद पर लग रहे सभी आरोपों को सिरे से नकार रहा है।
वीडियो में वह कहता है कि न्यूज़ चैनलों, सोशल मीडिया और बड़े नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उसके बारे में लगातार गलत बातें फैलाई जा रही हैं। उसके मुताबिक, यह दावा किया जा रहा है कि उसने ‘‘जहरीला सीरप’’ बेचा, ‘‘नकली दवाओं’’ का कारोबार किया और कफ सीरप की वजह से बच्चों की मौत हुई, जबकि यह सब सच नहीं है।
शुभम ने सफाई देते हुए कहा कि फेंसाडील एक सामान्य खांसी की दवा है, न जहरीली है और न ही यह आबकारी श्रेणी में आती है। उसने मध्य प्रदेश में कफ सीरप से हुई बच्चों की मौतों में किसी भी तरह की भूमिका से साफ इनकार किया।
उसने बताया कि वह एबोट कंपनी की दवाओं की सप्लाई करता था और दवा बनाने के लिए मिलने वाला कोडिन फॉस्फेट का कोटा भारत सरकार तय करती है। उसके अनुसार, इस दवा को स्टोर करने या बेचने पर सरकार की ओर से कोई रोक नहीं है। उसने RTI के जरिए यह जानकारी ली थी कि लाइसेंसधारी दुकानों को बेचना और भुगतान बैंक खाते के माध्यम से लेना ही नियम है—और उसने यही किया।
शुभम का दावा है कि गाजियाबाद और सोनभद्र में जो कफ सीरप पकड़ा गया था, वह उसकी फर्म ‘शैली ट्रेडर्स’ का नहीं बल्कि दिल्ली स्थित किसी अन्य फर्म का था। उसने ड्रग विभाग के अधिकारियों पर पैसे की मांग पूरी न करने पर उसे फंसाने का आरोप लगाया।
इसके अलावा उसने राजा ज्योति आनंद सिंह की मौत में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार करते हुए कहा कि उनकी मौत अत्यधिक शराब पीने से हुई थी और उनके परिवार जन उसे पैसे के लिए धमका रहे थे।
वीडियो में शुभम जायसवाल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव तथा अन्य नेताओं से उसका नाम लेकर बयानबाजी न करने की अपील की। साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि वह डर के कारण सामने नहीं आ पा रहा है, लेकिन वह निर्दोष है और उचित जांच की मांग करता है।