‘ऑपरेशन सिंदूर में जवानों का बलिदान छिपाने का आरोप गलत’ कांग्रेस के हमले पर रक्षा मंत्रालय ने दिया करारा जवाब
नई दिल्ली/राजनीतिक डेस्क: 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले 6 जांबाज सैनिकों के नामों को लेकर देश में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस (Congress) ने सरकार पर सैनिकों की शहादत छिपाने और संसद को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है. हालांकि, रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'जानबूझकर गुमराह करने वाला और शरारतपूर्ण नैरेटिव' करार दिया है.
कांग्रेस ने क्या लगाए आरोप? पवन खेड़ा ने शेयर किया वीडियो
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने शनिवार, 27 जून 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पिछले वर्ष (2025) मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में दिए गए भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर साझा किया.
संसद को गुमराह करने का आरोप: वीडियो का हवाला देते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि रक्षा मंत्री ने संसद में दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैनिकों को कोई क्षति नहीं हुई. खेड़ा ने कहा कि अब जब इन 6 शहीदों के नाम 'राष्ट्रीय समर स्मारक' (National War Memorial) पर अंकित किए गए हैं, तो इससे दो ही बातें साबित होती हैं— या तो रक्षा मंत्री को अपने मंत्रालय की जानकारी नहीं थी या उन्होंने जानबूझकर लोकतंत्र के मंदिर में देश से झूठ बोला. उन्होंने इसे देश के वीर जवानों का अपमान बताया.
रक्षा मंत्रालय का पलटवार: 'भाषण के एक हिस्से को तोड़-मरोड़ कर पेश किया'
कांग्रेस के इन तीखे हमलों पर रक्षा मंत्रालय ने तुरंत आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ की. मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही बातें तथ्यों के हिसाब से पूरी तरह गलत हैं:
बयान का वास्तविक संदर्भ (Context): रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद में बोल रहे थे, उस समय सोशल मीडिया और मीडिया के एक हिस्से में दुश्मन देश की तरफ से एक झूठी अफवाह आक्रामक तरीके से फैलाई जा रही थी. उस समय दावा किया जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के कई 'फाइटर पायलट' मारे गए हैं. यह दुष्प्रचार भारतीय सेना की सफलता को कमतर आंकने और देश का मनोबल गिराने के लिए किया जा रहा था. रक्षा मंत्री ने संसद में उसी भ्रामक प्रोपेगैंडा का जवाब देते हुए कहा था कि हमारे पायलटों या अभियान को कोई नुकसान नहीं हुआ है. उनके बयान के एक हिस्से को काटकर अब राजनीति के लिए गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.
राष्ट्रीय समर स्मारक पर दर्ज हुए इन 6 अमर शहीदों के नाम
मई 2025 में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा सीमा पार आतंकी ठिकानों पर चलाए गए इस बेहद सफल 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान कर्तव्य निर्वहन करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए 6 सैन्यकर्मियों (थलसेना के 5 और वायुसेना के 1) के नामों को राष्ट्रीय समर स्मारक (NWM) के 'त्याग चक्र' की दीवार नंबर '3डी' पर स्वर्ण अक्षरों में अंकित किया गया है:
सूबेदार मेजर पवन कुमार (थलसेना)
राइफलमैन सुनील कुमार (थलसेना)
लांस नायक दिनेश कुमार (थलसेना)
अग्निवीर एम मुरलीनाइक (थलसेना)
हवलदार सुनील कुमार सिंह (थलसेना)
सार्जेंट सुरेंद्र कुमार (भारतीय वायुसेना)
क्या था 'ऑपरेशन सिंदूर'?
पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था. इसके जवाब में भारतीय सेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था, जिसके तहत सीमा पार मौजूद आतंकी लॉन्च पैड्स और ठिकानों पर भीषण और सटीक हमले (सर्जिकल स्ट्राइक) कर उन्हें पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया था.