लखनऊ में शिक्षक अभ्यर्थियों ने किया मायावती के आवास का घेराव; बोले- 'योगी सरकार से न्याय दिलाओ'
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को युवाओं और छात्रों का भारी आक्रोश देखने को मिला। एक तरफ जहां 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती के मॉल एवेन्यू स्थित आवास का घेराव किया, वहीं दूसरी ओर नीट-यूजी पेपर लीक के विरोध में आजाद समाज पार्टी (ASP) के कार्यकर्ताओं ने भी जोरदार प्रदर्शन किया।
शिक्षक अभ्यर्थियों का आरोप है कि आरक्षण में गड़बड़ी और नियुक्ति की मांग को लेकर वे लंबे समय से योगी सरकार के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
'योगी सरकार से न्याय दिलाओ' – अभ्यर्थियों की मायावती से गुहार
शनिवार दोपहर बड़ी संख्या में महिला और पुरुष अभ्यर्थी हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर मायावती के आवास के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
मायावती से हस्तक्षेप की मांग: अभ्यर्थियों ने कहा कि वे सरकार के दरवाजे पर दस्तक देते-देते थक चुके हैं। चूंकि यह मुद्दा मुख्य रूप से पिछड़े और दलित वर्ग के अभ्यर्थियों के अधिकारों से जुड़ा है, इसलिए वे चाहते हैं कि बसपा प्रमुख मायावती इसमें हस्तक्षेप करें और सरकार के खिलाफ उनकी आवाज को मजबूती से उठाएं।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां: प्रदर्शन की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मायावती के आवास की तरफ बढ़ रहे अभ्यर्थियों को रोका। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई महिला और पुरुष अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
मायावती का रुख: राजनीति के चक्कर में न छूटे शिक्षा सुधार का मुद्दा
एक तरफ जहां उनके आवास के बाहर प्रदर्शन चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ मायावती ने सोशल मीडिया के जरिए नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलनों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
मूल मुद्दा न भटके: मायावती ने कहा कि नीट-यूजी और अन्य परीक्षाओं में पर्चा लीक से अभ्यर्थियों में भारी असंतोष है। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही राजनीति के कारण शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार का मूल मुद्दा पीछे नहीं छूटना चाहिए।
रोकथाम के लिए ठोस कानून की जरूरत: बसपा सुप्रीमो ने कहा कि केवल पेपर लीक होने के बाद कार्रवाई करना काफी नहीं है, बल्कि ऐसी जघन्य घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को पहले से ही प्रभावी और मजबूत व्यवस्था बनानी चाहिए।
राजधानी में एक साथ दो बड़े प्रदर्शन से अफरा-तफरी
शनिवार को लखनऊ की सड़कों पर एक तरफ 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का घेराव और दूसरी तरफ आजाद समाज पार्टी (ASP) का नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन होने से पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूले रहे। दोनों ही आंदोलनों का मुख्य केंद्र रोजगार, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा रहा।