स्मृति ईरानी को तो मिली थी छूट... मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर भड़का विपक्ष, लगाया 'सीट चोरी' का आरोप

Post

देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा चुनाव के बीच मध्य प्रदेश से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राज्य में कांग्रेस की इकलौती राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र चुनाव आयोग (EC) द्वारा खारिज कर दिया गया है। इस बड़े झटके के बाद समूचा विपक्ष भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर टूट पड़ा है। विपक्षी दलों ने इसे पूरी तरह 'सियासी साजिश' और 'सीट की चोरी' करार देते हुए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर एक बड़ा हमला बताया है।

आखिर क्यों रद्द हुआ मीनाक्षी नटराजन का नामांकन?

मध्य प्रदेश से दिल्ली की रेस में शामिल वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने के पीछे साल 2022 का एक मामला बताया जा रहा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे (Affidavit) में हैदराबाद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) द्वारा जारी किए गए एक समन की जानकारी छिपाई थी। भाजपा नेता राहुल कोठारी ने इस विसंगति को लेकर चुनाव आयोग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद आयोग ने नामांकन का दोबारा मूल्यांकन किया और तकनीकी खामी पाते हुए इसे तुरंत रद्द कर दिया।

शिवसेना ने दिलाई स्मृति ईरानी की याद, महुआ ने कहा 'भद्दा मजाक'

नामांकन रद्द होने की खबर आते ही विपक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर तीखे सवाल दागने शुरू कर दिए हैं। शिवसेना (यूबीटी) की फायरब्रांड नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी के पुराने हलफनामों की याद दिलाई। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि स्मृति ईरानी के अलग-अलग हलफनामों (2004, 2011 और 2014) में तीन तरह की शैक्षणिक योग्यताएं होने के बावजूद उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने की खुली छूट दी गई थी। वहीं दूसरी तरफ, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन सिर्फ एक ऐसी शिकायत पर रद्द कर दिया गया जिसमें कोई एफआईआर तक नहीं थी, और उन्हें आयोग के सामने पक्ष रखने का 'जीरो चांस' दिया गया।

इसी मामले पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस पूरे फैसले को एक "भद्दा मजाक" करार दिया। महुआ ने आरोप लगाया कि यह पूरी कवायद दिखाती है कि मोदी-शाह की जोड़ी दोनों सदनों पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने और संविधान में मनमुताबिक संशोधन करने के लिए कितनी बेताब है, क्योंकि उन्हें पता है कि अन्यथा 2029 में उनका समय समाप्त हो जाएगा।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और वीडी सतीशन का तीखा हमला

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस फैसले पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे सीधे तौर पर 'सीट चोरी' का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला दिन है, जहां विपक्ष और जनता की आवाज को दबाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल हो रहा है। इसके साथ ही केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने भी इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कुछ लोगों के राजनीतिक और पक्षतापपूर्ण हितों के लिए देश के संवैधानिक मानदंडों की बलि नहीं दी जा सकती।

दिल्ली में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, कमलनाथ का 'फ्लाइट' वाला बड़ा दावा

कांग्रेस आलाकमान ने नटराजन के नामांकन में जानकारी छिपाने के सभी आरोपों को सिरे से 'बकवास' बताकर खारिज कर दिया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जब भाजपा को समझ आ गया कि कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की उनकी गंदी चालें मध्य प्रदेश में नाकाम हो रही हैं, तो वे इस घटिया स्तर पर उतर आए। इस फैसले के विरोध में मंगलवार को केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और सचिन पायलट समेत कई दिग्गज कांग्रेसी नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन भी किया।

इसी बीच, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मामले में एक और सनसनीखेज दावा ठोक दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच जब कांग्रेस अपने विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए बेंगलुरु भेज रही थी, तो विधायकों से भरी एक पूरी फ्लाइट को काफी देर तक एयरपोर्ट पर जानबूझकर टेकऑफ करने की अनुमति नहीं दी गई, ताकि पूरी योजना को बाधित किया जा सके।

भाजपा का पलटवार: 'यह कांग्रेस के भीतर की ही गुटबाजी का नतीजा'

विपक्ष के इन चौतरफा हमलों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने भी करारा पलटवार किया है। मध्य प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा का कोई हाथ नहीं है, बल्कि यह खुद कांग्रेस के भीतर चल रही भयंकर गुटबाजी का परिणाम है। विजयवर्गीय ने इशारा किया कि नटराजन की उम्मीदवारी में खामी बताने वाले अहम दस्तावेज तेलंगाना से लीक हुए थे, जो कि एक कांग्रेस शासित राज्य है। उन्होंने अंदेशा जताया कि कांग्रेस के ही किसी बड़े नेता ने अपनी अंदरूनी दुश्मनी निकालने के लिए यह सीक्रेट दस्तावेज बाहर भिजवाए हैं।