'लैट्रिन जैसी फीलिंग आती है...', भोजपुरी भाषा पर सिद्धार्थ मल्होत्रा का पुराना कमेंट हुआ वायरल; भड़के फैंस ने लगाई क्लास
बॉलीवुड सितारों के पुराने इंटरव्यूज और रियलिटी शो के अनफिल्टर्ड बयान कई बार सालों बाद उनके लिए गले की फांस बन जाते हैं। ऐसा ही कुछ इन दिनों बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) के साथ देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सिद्धार्थ मल्होत्रा का एक पुराना थ्रोबैक वीडियो क्लिप अचानक तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे क्षेत्रीय भाषा भोजपुरी को लेकर एक बेहद अजीब और अपमानजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में सिद्धार्थ भोजपुरी डायलॉग बोलने के अनुभव की तुलना 'लैट्रिन (शौचालय)' जैसी फीलिंग से करते दिख रहे हैं। जैसे ही यह क्लिप दोबारा इंटरनेट की दुनिया में सामने आई, भोजपुरी भाषी दर्शकों, बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों में भारी गुस्सा फूट पड़ा है और लोग अभिनेता को असंवेदनशील बताते हुए उनकी जमकर क्लास लगा रहे हैं।
'बिग बॉस' के सेट पर मनोज बाजपेयी के सामने दिया था बयान
वायरल हो रहा यह विवादित वीडियो साल 2018 का है, जब सिद्धार्थ मल्होत्रा अपनी एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'अय्यारी' (Aiyaary) के प्रमोशन के सिलसिले में रियलिटी शो 'बिग बॉस 11' के मंच पर पहुंचे थे। उनके साथ फिल्म के सह-कलाकार और दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी तथा रकुल प्रीत सिंह भी मौजूद थीं। शो के होस्ट सलमान खान ने मंच पर एक मजेदार टास्क रखा था, जिसमें कलाकारों को अलग-अलग अंदाज में डायलॉग डिलीवरी करनी थी।
इसी दौरान सिद्धार्थ मल्होत्रा से सलमान खान के एक मशहूर डायलॉग को भोजपुरी अंदाज में बोलने के लिए कहा गया। सिद्धार्थ ने टूटी-फूटी और बनावटी टोन में वह डायलॉग बोला। लेकिन डायलॉग पूरा होते ही उन्होंने मुस्कुराते हुए जो टिप्पणी की, उसने सबको असहज कर दिया। सिद्धार्थ ने शो के मंच पर सरेआम कहा—"बोलते हुए थोड़ी लैट्रिन वाली फीलिंग आई, लेकिन अच्छा लगा।" उस वक्त मंच पर मौजूद बिहार के रहने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता मनोज बाजपेयी के चेहरे के भाव भी इस भद्दी टिप्पणी को सुनकर अचानक गंभीर हो गए थे और उन्होंने तुरंत सिद्धार्थ को टोकते हुए उनके कंधे पर हाथ रखकर स्थिति को संभालने की कोशिश की थी।
सोशल मीडिया पर दोबारा भड़का लोगों का गुस्सा
सालों बाद जब यह वीडियो क्लिप 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और रेडिट पर दोबारा वायरल हुई, तो नेटिजन्स ने सिद्धार्थ मल्होत्रा को आड़े हाथों ले लिया। लोगों का कहना है कि किसी भी भारतीय भाषा—जिसे देश-विदेश में करोड़ों लोग अपनी मातृभाषा के रूप में बोलते हैं—का इस तरह राष्ट्रीय टेलीविजन पर मजाक उड़ाना बेहद शर्मनाक और निम्न स्तर की मानसिकता को दर्शाता है।
यूजर्स ने अभिनेता की समझ पर सवाल उठाते हुए लिखा कि हिंदी सिनेमा में काम करने वाले सितारों को देश की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता का सम्मान करना आना चाहिए। कई यूजर्स ने मनोज बाजपेयी के संयम की तारीफ की कि उन्होंने उस समय शांति बनाए रखी, लेकिन साथ ही सवाल दागा कि क्या सिद्धार्थ किसी विदेशी भाषा या अन्य प्रमुख भाषाओं के बारे में ऐसा बोलने की हिम्मत जुटा सकते थे? भोजपुरी समुदाय के लोगों ने इस टिप्पणी को पूरे पूर्वांचल समाज और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का सीधा अपमान करार दिया।
नीतू चंद्रा ने भी उस वक्त दर्ज कराया था कड़ा विरोध
गौरतलब है कि जब 2018 में यह वाकया पहली बार ऑन-एयर हुआ था, तब भी बॉलीवुड और भोजपुरी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री नीतू चंद्रा ने सिद्धार्थ मल्होत्रा के इस बयान पर तीखा ऐतराज जताया था। नीतू चंद्रा ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट लिखकर सिद्धार्थ को लताड़ लगाई थी और कहा था कि भोजपुरी शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर की भाषा है और भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की मातृभाषा रही है। किसी भाषा को शौच से जोड़ना अभिनेता के अज्ञान को दिखाता है।
उस समय बढ़ते विवाद और चौतरफा घिरने के बाद सिद्धार्थ मल्होत्रा ने सोशल मीडिया पर एक संक्षिप्त माफीनामा जारी किया था। उन्होंने लिखा था कि उनका इरादा किसी की भाषा या संस्कृति का अनादर करना नहीं था, वे केवल शो के टास्क के दौरान एक नई भाषा बोलने की अपनी असहजता व्यक्त कर रहे थे। हालांकि, अब जब यह वीडियो फिर से नए सिरे से सर्कुलेट हो रहा है, तो लोगों का गुस्सा एक बार फिर ताजा हो गया है।
क्षेत्रीय भाषाओं के प्रति बॉलीवुड के नजरिए पर सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा से जुड़े कलाकारों पर क्षेत्रीय भाषाओं और लहजों को स्टीरियोटाइप करने या उनका उपहास उड़ाने के आरोप लगे हों। अक्सर फिल्मों और कॉमेडी शोज में भोजपुरी, हरियाणवी या दक्षिण भारतीय लहजों को हास्यास्पद रूप में पेश किया जाता रहा है। आलोचकों का मानना है कि अब जब भारतीय दर्शक क्षेत्रीय सिनेमा और कंटेंट को दिल खोलकर अपना रहे हैं, ऐसे में बॉलीवुड के मेनस्ट्रीम कलाकारों को यह समझना होगा कि अपनी जुबान पर लगाम रखना और हर संस्कृति का सम्मान करना किसी भी स्टारडम से कहीं अधिक जरूरी है।