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September 17 2026 05:49 pm

'जब टीम को जरूरत होगी, वह खेलेगा...', भारत बनाम अफगानिस्तान मैच में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI से बाहर रखने पर बोले पिता संजीव

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भारतीय क्रिकेट की नई सनसनी और बेहद कम उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरी दुनिया का ध्यान खींचने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्सुकता बनी हुई है। हाल ही में भारत और अफगानिस्तान (IND vs AFG) के बीच खेले गए मुकाबले में जब टॉस के बाद भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन की घोषणा हुई, तो उसमें वैभव सूर्यवंशी का नाम न देखकर फैंस को थोड़ी मायूसी जरूर हुई। सोशल मीडिया पर भी युवा प्रतिभा को मौका न दिए जाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, इन तमाम बहसों और प्रतिक्रियाओं के बीच वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी का बेहद परिपक्व और सकारात्मक बयान सामने आया है, जिसने खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया है। उन्होंने टीम प्रबंधन के फैसले का सम्मान करते हुए साफ शब्दों में कहा कि वैभव को जब भी देश की जर्सी में खेलने की जरूरत होगी, वह पूरी ताकत से मैदान में उतरेगा।

'यह टीम का फैसला है और हमें पूरा भरोसा है'

एक खेल चैनल से बातचीत करते हुए वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने प्लेइंग इलेवन से बाहर रहने के सवाल पर बेहद शांत और संतुलित रुख अपनाया।

उन्होंने कहा, "क्रिकेट एक टीम गेम है। मैदान पर कौन से 11 खिलाड़ी उतरेंगे, यह मैच की परिस्थिति, पिच के मिजाज और टीम संयोजन (Team Combination) को देखकर तय किया जाता है। वैभव अभी बहुत युवा है और ड्रेसिंग रूम का हिस्सा होना ही उसके सीखने के सफर के लिए एक बहुत बड़ा अनुभव है। हमें टीम मैनेजमेंट और कप्तान के फैसले पर पूरा भरोसा है। जब भी टीम को उसकी जरूरत होगी, वह मैदान पर उतरेगा और अपना शत-प्रतिशत योगदान देगा।"

बेटे के धैर्य और मेहनत पर जताया अटूट विश्वास

संजीव सूर्यवंशी ने इस बात पर जोर दिया कि एक खिलाड़ी के जीवन में चयन या बाहर बैठना खेल का सामान्य हिस्सा होता है। उन्होंने बताया कि वैभव मानसिक रूप से बेहद मजबूत है और उसका पूरा ध्यान सिर्फ अपनी ट्रेनिंग, नेट्स में पसीना बहाने और अपने खेल को निखारने पर केंद्रित रहता है।

पिता ने कहा, "वैभव केवल मौके का इंतजार कर रहा है, किसी तरह की जल्दबाजी या निराशा का कोई सवाल ही नहीं उठता। वह सीनियर खिलाड़ियों के साथ समय बिता रहा है, उनसे सीख रहा है। जब भी कप्तान और कोच उसे अंतिम एकादश में शामिल करेंगे, वह बल्ले से देश के लिए मैच जिताऊ पारी खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है।"

घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 में मचा चुके हैं तहलका

गौरतलब है कि बिहार के समस्तीपुर से ताल्लुक रखने वाले वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी) में डेब्यू कर इतिहास रचा था। इसके बाद भारत की अंडर-19 टीम और घरेलू टूर्नामेंट्स में उन्होंने लगातार तेजतर्रार पारियां खेलकर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को प्रभावित किया।

उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और गेंद को टाइम करने की कुदरती कला की तुलना कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों से की जाती रही है। हाल के दिनों में बीसीसीआई द्वारा घोषित अलग-अलग स्क्वॉड में भी वैभव को शामिल कर यह संकेत दिया गया है कि वे भारतीय क्रिकेट के भविष्य के बड़े प्रोजेक्ट्स का अहम हिस्सा हैं।

फैंस को जल्द डेब्यू का इंतजार

अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भले ही टीम संयोजन के कारण उन्हें डगआउट में बैठना पड़ा हो, लेकिन क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा ऐसी है जिसे लंबे समय तक बेंच पर नहीं रखा जा सकता। आने वाले मैचों और आगामी श्रृंखलाओं में भारतीय टीम रोटेशन पॉलिसी के तहत इस युवा सितारे को मैदान में उतार सकती है। पिता संजीव सूर्यवंशी के इस सकारात्मक और संयमित बयान ने यह साबित कर दिया है कि वैभव के पीछे न केवल उनका अपना हुनर है, बल्कि एक ऐसा मजबूत पारिवारिक मार्गदर्शन भी है जो उन्हें सफलता की चकाचौंध में भी जमीन से जोड़े रखता है।