Shopping Scam: खाली डिलीवरी बॉक्स कर सकता है आपका बैंक अकाउंट खाली सेल के दौरान ,फ्लिपकार्ट यूजर्स रहें सावधान
India News Live, Digital Desk: ऑनलाइन सेल के सीजन में अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी वेबसाइट्स से खरीदारी करना आम बात है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सामान मिलने के बाद आप जिस खाली डिब्बे (Delivery Box) को कचरे में फेंक देते हैं, वह आपकी मेहनत की कमाई पर डाका डालने का जरिया बन सकता है? स्कैमर्स अब आपके फेंके हुए कचरे का इस्तेमाल करके आपको लाखों का चूना लगा रहे हैं।
हाल ही में सामने आए इस नए स्कैम ने सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। आइए जानते हैं कि यह स्कैम कैसे काम करता है और आप इससे कैसे बच सकते हैं।
कैसे काम करता है 'डिलीवरी बॉक्स स्कैम'?
जब आप कोई पार्सल मंगवाते हैं, तो उस डिब्बे के ऊपर एक शिपिंग लेबल चिपका होता है। इस लेबल पर आपकी कई निजी जानकारियां होती हैं, जैसे:
आपका पूरा नाम
आपका मोबाइल नंबर
आपका पूरा पता (घर या ऑफिस)
ऑर्डर की आईडी और बारकोड
स्कैमर्स आपके फेंके हुए खाली डिब्बों से इन लेबल्स को इकट्ठा करते हैं। इस जानकारी का उपयोग करके वे आपको कॉल करते हैं और खुद को ई-कॉमर्स कंपनी का कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बताते हैं। वे आपके पिछले ऑर्डर का हवाला देकर आपका भरोसा जीतते हैं और फिर आपको 'कैशबैक', 'रिफंड' या 'लकी ड्रॉ' का लालच देकर एक लिंक पर क्लिक करने या ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं, जिससे आपका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है।
QR कोड का भी हो रहा गलत इस्तेमाल
कुछ मामलों में स्कैमर्स आपके पते पर एक 'फर्जी' गिफ्ट पार्सल भेजते हैं। जब आप उसे खोलते हैं, तो उसमें एक QR कोड होता है जिसे स्कैन करने पर इनाम मिलने का दावा किया जाता है। जैसे ही आप उसे स्कैन करते हैं, आपके फोन का कंट्रोल स्कैमर के पास पहुंच जाता है।
खुद को सुरक्षित रखने के 5 जरूरी उपाय
लेबल को फाड़ना न भूलें: खाली डिब्बा फेंकने से पहले उस पर लगे शिपिंग लेबल को पूरी तरह से फाड़ दें या उस पर मौजूद अपनी जानकारी को काली स्याही (Marker) से मिटा दें।
बारकोड को नष्ट करें: लेबल पर मौजूद बारकोड या QR कोड को भी पूरी तरह से स्क्रैच कर दें ताकि उसे स्कैन न किया जा सके।
अनजान लिंक से बचें: अगर कोई आपको कॉल करके कहता है कि आपके पिछले ऑर्डर पर कोई रिफंड या गिफ्ट मिला है, तो बिना जांचे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
आधिकारिक ऐप का ही करें इस्तेमाल: किसी भी ऑर्डर से संबंधित जानकारी के लिए हमेशा अमेज़न या फ्लिपकार्ट के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर जाकर ही चेक करें।
OTP कभी साझा न करें: बैंक या शॉपिंग साइट्स कभी भी आपसे फोन पर OTP (One Time Password) नहीं मांगती हैं।
सतर्कता ही सुरक्षा है
डिजिटल दुनिया में आपकी छोटी सी जानकारी भी स्कैमर्स के लिए एक बड़ा हथियार हो सकती है। अगली बार जब आप अपना पसंदीदा सामान अनबॉक्स करें, तो उस खाली डिब्बे को जिम्मेदारी से ठिकाने लगाएं।