बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का बड़ा फैसला: शेख मुजीब अब नहीं रहेंगे 'राष्ट्रपिता'
- by Priyanka Tiwari
- 2025-06-04 22:18:00
India News Live,Digital Desk : बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। देश के संस्थापक कहे जाने वाले शेख मुजीबुर रहमान से 'राष्ट्रपिता' का दर्जा वापस ले लिया गया है। यह निर्णय नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने लिया है। शेख मुजीब, जिन्होंने 1971 में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम की अगुआई की थी, लंबे समय से देश के लिए एक आदर्श नेता और प्रतीक रहे हैं। वे अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता भी हैं।
इस फैसले से पहले ही सरकार ने नए करेंसी नोटों से शेख मुजीब की तस्वीरें हटाई थीं। अब मंगलवार की रात जारी एक नए अध्यादेश के तहत, ‘राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान’ को कानूनी रूप से स्वतंत्रता सेनानी परिषद और अन्य सरकारी दस्तावेजों से हटा दिया गया है।
कानून में बड़े बदलाव:
कानून, न्याय और संसदीय मामलों के मंत्रालय द्वारा संशोधित अध्यादेश में स्पष्ट किया गया है कि अब से स्वतंत्रता संग्राम की परिभाषा में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां मुक्ति संग्राम को बंगबंधु के आह्वान से जुड़ा बताया गया था, वहीं अब उस उल्लेख को हटा दिया गया है।
इतना ही नहीं, अब मुक्ति संग्राम के दौरान निर्वासित सरकार (मुजीबनगर सरकार) से जुड़े सांसदों – एमएनए (राष्ट्रीय असेंबली के सदस्य) और एमपीए (प्रांतीय असेंबली के सदस्य) – को स्वतंत्रता सेनानी की जगह 'मुक्ति संग्राम के सहयोगी' कहा जाएगा।
यह फैसला बांग्लादेश के इतिहास और राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। कई लोग इसे राजनीतिक बदले की भावना मान रहे हैं, तो कुछ इसे नए युग की शुरुआत बता रहे हैं।