बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर गंभीर आरोप, युद्ध अपराध न्यायाधिकरण की ऐतिहासिक कार्यवाही...
India News Live,Digital Desk : बांग्लादेश के इतिहास में रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब देश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने पहली बार अपनी कार्यवाही का सीधा प्रसारण टेलीविजन पर किया। इस सुनवाई में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और दो अन्य प्रमुख अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए, जिनमें सामूहिक हत्या और विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए बल प्रयोग शामिल हैं।
इन आरोपों के मुताबिक, पिछले वर्ष छात्रों द्वारा शुरू किए गए बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान हसीना की भूमिका पर सवाल उठे थे। न्यायाधिकरण की तीन जजों की पीठ ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कहा, "हम इन आरोपों को संज्ञान में लेते हैं।"
इसके साथ ही, न्यायालय ने शेख हसीना और तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के खिलाफ नए गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए हैं। वहीं, तीसरे आरोपी और तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को हिरासत में लेकर मुकदमे का सामना करने के लिए अदालत में पेश किया गया है।
अगर इन आरोपों में दोष सिद्ध होता है, तो 'ICT-बांग्लादेश' कानून के तहत दोषियों को मौत की सजा तक दी जा सकती है।
वहीं दूसरी ओर, रविवार को बांग्लादेश की सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को एक बड़ा निर्देश दिया। कोर्ट ने दक्षिणपंथी राजनीतिक पार्टी 'जमात-ए-इस्लामी' का पंजीकरण बहाल करने का आदेश दिया है, जिससे अब यह पार्टी भविष्य में होने वाले चुनावों में हिस्सा ले सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग यह तय करेगा कि जमात-ए-इस्लामी अपने पारंपरिक चुनाव चिह्न 'तराजू' का इस्तेमाल कर सकती है या नहीं। यह निर्णय उस प्रतिबंध को हटाने के करीब आठ महीने बाद आया है, जो अंतरिम सरकार ने पार्टी पर लगाया था।