जिसकी गायकी देख दंग रह गई थीं जया बच्चन, पर्स से निकाल कर दिए 100 रुपये; अमिताभ बच्चन की बनी 'दूसरी आवाज'

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India News Live,Digital Desk : बॉलीवुड में जब भी महानायक अमिताभ बच्चन के गानों की बात होती है, तो किशोर कुमार और मोहम्मद रफी जैसे दिग्गजों का नाम ज़हन में आता है। लेकिन एक ऐसा दौर भी आया जब बिग बी के लिए एक ऐसी आवाज मिली, जिसे सुनकर खुद अमिताभ के परिवार वाले भी धोखा खा गए। हम बात कर रहे हैं मशहूर सिंगर और मिमिक्री आर्टिस्ट सुदेश भोसले की। सुदेश ने अमिताभ की आवाज को इस कदर आत्मसात किया कि वह उनकी 'ऑन-स्क्रीन वॉइस' के पर्याय बन गए।

जब शशि कपूर ने पहचाना हुनर

80 के दशक में सुदेश भोसले अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्हें पहला मौका बप्पी लाहिरी ने फिल्म 'वक्त की आवाज' (1988) में दिया, लेकिन उन्हें वह बड़ी सफलता नहीं मिली जिसकी उन्हें तलाश थी। मोड़ तब आया जब एक्टर शशि कपूर ने सुदेश को अमिताभ बच्चन की नकल करते सुना। शशि कपूर उनकी काबिलियत से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी फिल्म 'अजूबा' के लिए सुदेश को साइन कर लिया। 'अरे ताज्जुब है' और 'या अली' जैसे गानों के बाद सुदेश रातों-रात चर्चा में आ गए।

जया बच्चन और वो 100 रुपये का इनाम

सुदेश भोसले के करियर का सबसे यादगार किस्सा फिल्म 'बागबान' से जुड़ा है। सुदेश ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वह गाने 'मेरी मखना मेरी सोणिये' की रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तब स्टूडियो में खुद जया बच्चन मौजूद थीं। सुदेश ने जब अमिताभ की आवाज की बारीकियों को पकड़ते हुए गाना शुरू किया, तो जया बच्चन दंग रह गईं। उन्हें एक पल के लिए यकीन नहीं हुआ कि यह आवाज अमिताभ की नहीं बल्कि सुदेश की है।

जया बच्चन उनकी गायकी से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने तुरंत अपने पर्स से 100 रुपये का नोट निकाला और सुदेश को इनाम के तौर पर दे दिया। उनके लिए यह 100 रुपये किसी ऑस्कर से कम नहीं थे।

अमिताभ और सुदेश: एक अटूट रिश्ता

सुदेश भोसले ने अमिताभ बच्चन के लिए एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए हैं। फिल्म 'हम' का आईकॉनिक गाना 'जुम्मा चुम्मा दे दे' आज भी पार्टियों की जान है। इसके अलावा उन्होंने बिग बी के लिए कई यादगार फिल्मों में अपनी आवाज दी:

फिल्में: अग्निपथ, हम, अकेला, बड़े मियां छोटे मियां, कोहराम, कभी खुशी कभी गम, और अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों।

मिमिक्री से सिंगिंग तक का सफर

सुदेश भोसले केवल एक सिंगर ही नहीं, बल्कि एक मंझे हुए मिमिक्री आर्टिस्ट भी हैं। वे संजीव कुमार, अनिल कपूर और अशोक कुमार जैसे कई सितारों की आवाज हूबहू निकालने में माहिर हैं। लेकिन अमिताभ बच्चन की आवाज ने उन्हें जो शोहरत दिलाई, वह बेमिसाल है। आज भी जब अमिताभ खुद किसी गाने को रिकॉर्ड नहीं कर पाते, तो मेकर्स की पहली पसंद सुदेश भोसले ही होते हैं।