बंगाल जाने से पहले अखिलेश यादव ने बढ़ाया यूपी का सियासी पारा
India News Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक ताजा बयान ने राज्य की राजनीति में नई गर्माहट पैदा कर दी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करने कोलकाता रवाना होने से ठीक पहले, अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और आगामी समीकरणों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के पिछले चुनाव नतीजों का उदाहरण देते हुए यूपी में भी बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं।
ममता बनर्जी से मुलाकात: 'मिशन 2026' की तैयारी?
अखिलेश यादव का यह कोलकाता दौरा महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विपक्षी एकता को और मजबूत करने के लिए दोनों कद्दावर नेता एक साझा रणनीति पर चर्चा करेंगे। अखिलेश यादव शुरू से ही 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर जोर देते रहे हैं, वहीं ममता बनर्जी ने बंगाल में अपनी क्षेत्रीय ताकत का लोहा मनवाया है। इस मुलाकात को उत्तर प्रदेश और बंगाल के बीच एक मजबूत राजनीतिक सेतु के रूप में देखा जा रहा है।
2022 का जिक्र और यूपी सरकार पर हमला
कोलकाता रवाना होने से पहले अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनावों के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि जिस तरह बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी के नेतृत्व में भरोसा जताया और बाहरी ताकतों को नकारा, वही भावना अब उत्तर प्रदेश में भी उफान पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी में प्रशासन और विकास के मोर्चे पर सरकार विफल रही है और जनता अब विकल्प की तलाश में है।
'यूपी में भी होगा बंगाल जैसा करिश्मा'
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब 'नया मोड़' आने वाला है। उन्होंने संकेत दिया कि समाजवादी पार्टी छोटे क्षेत्रीय दलों और समान विचारधारा वाले नेताओं को साथ लेकर एक बड़ा मोर्चा तैयार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह भाजपा को बंगाल में शिकस्त मिली, वैसी ही स्थिति उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में देखने को मिलेगी। अखिलेश का यह आत्मविश्वास उनके हालिया 'पीडीए' अभियान की सफलता और कार्यकर्ताओं के बढ़ते जोश से प्रेरित नजर आता है।
प्रशासन और कानून व्यवस्था पर घेरा
सपा प्रमुख ने केवल चुनावी राजनीति ही नहीं, बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने हाल की कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी में 'बुलडोजर संस्कृति' के नाम पर अन्याय हो रहा है। कोलकाता में ममता बनर्जी के साथ इन मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत विपक्ष की आवाज बुलंद की जा सके।