सावधान इंडिया पोस्ट के नाम पर आया यह SMS खाली कर देगा आपका बैंक खाता, भूलकर भी न करें 'क्लिक'

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India News Live,Digital Desk : अगर आपके मोबाइल पर भी भारतीय डाक (India Post) के नाम से कोई ऐसा संदेश आया है जिसमें आपका पता अपडेट करने या पार्सल डिलीवरी रुकने की बात कही गई है, तो सावधान हो जाइए। डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब सीधे आपके भरोसे पर वार कर रहे हैं। हाल के दिनों में देशभर में, विशेषकर गुजरात और पड़ोसी राज्यों में 'इंडिया पोस्ट पार्सल स्कैम' के मामलों में भारी उछाल आया है। भारत सरकार की एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने इस संबंध में एक गंभीर चेतावनी जारी की है कि कैसे एक छोटा सा लिंक आपकी जीवन भर की कमाई को पलक झपकते ही साफ कर सकता है।

डराने वाला संदेश और ठगी का जाल

साइबर ठगों का यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता है। सबसे पहले आपको एक एसएमएस प्राप्त होता है जिसमें लिखा होता है— "आपका पार्सल गोदाम में पहुंच चुका है, लेकिन घर का पता अधूरा होने के कारण इसकी डिलीवरी नहीं की जा सकती।" इसके बाद आपको डराने के लिए एक डेडलाइन दी जाती है कि यदि 48 घंटे के भीतर पता अपडेट नहीं किया गया, तो पार्सल वापस भेज दिया जाएगा। घबराहट में जैसे ही आप मैसेज में दिए गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते हैं, आप उनके जाल में फंस जाते हैं।

हूबहू डाकघर जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट

लिंक पर क्लिक करते ही एक ऐसी वेबसाइट खुलती है जो देखने में बिल्कुल इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट जैसी लगती है। यहां आपसे पते में सुधार करने के नाम पर मामूली शुल्क (जैसे 5 या 10 रुपये) ऑनलाइन जमा करने को कहा जाता है। जैसे ही आप अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी दर्ज करते हैं, हैकर्स आपके बैंकिंग डेटा और ओटीपी तक पहुंच बना लेते हैं। इसके बाद आपके खाते से मोटी रकम उड़ा ली जाती है। ठगों का मकसद आपके फोन का एक्सेस पाना या आपकी संवेदनशील वित्तीय जानकारी चुराना होता है।

सरकार और TRAI के क्या हैं सख्त निर्देश?

पीआईबी फैक्ट चेक ने साफ तौर पर कहा है कि इंडिया पोस्ट कभी भी अपने ग्राहकों को एसएमएस के जरिए पते अपडेट करने के लिए कोई संदिग्ध लिंक नहीं भेजता और न ही व्यक्तिगत जानकारी मांगता है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने भी अब नियम कड़े कर दिए हैं। अब किसी भी सरकारी विभाग या बैंक से आने वाले मैसेज में एक विशेष सेंडर आईडी (जैसे AD-INDPOST) होना अनिवार्य है। अगर मैसेज किसी साधारण मोबाइल नंबर से आया है, तो वह शत-प्रतिशत फर्जी है और उसे तुरंत ब्लॉक कर देना चाहिए।

इन 5 बातों का रखें ध्यान, बच जाएगी गाढ़ी कमाई

साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी अनजान नंबर से आए शॉर्ट लिंक (जैसे bit.ly या tinyurl) पर कभी क्लिक न करें। अगर आपको वाकई अपने पार्सल की स्थिति जाननी है, तो हमेशा आधिकारिक वेबसाइट www.indiapost.gov.in पर जाकर ही ट्रैकिंग नंबर डालें। इसके अलावा, ठगों द्वारा दी गई '24 या 48 घंटे' वाली समय सीमा से बिल्कुल न डरें, यह केवल आपको गलती करने पर मजबूर करने का एक तरीका है। कभी भी किसी अनजान वेबसाइट पर अपने कार्ड का सीवीवी (CVV) या पिन (PIN) दर्ज न करें।

धोखाधड़ी होने पर तुरंत यहां करें शिकायत

यदि आप जाने-अनजाने में ऐसे किसी गिरोह का शिकार हो गए हैं, तो बिल्कुल भी देरी न करें। सबसे पहले अपने बैंक को सूचित करें और कार्ड ब्लॉक करवाएं। इसके बाद तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। आप अपनी शिकायत ऑनलाइन पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज करा सकते हैं। याद रखें, डिजिटल दुनिया में आपकी जागरूकता ही आपकी सुरक्षा है।