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July 13 2026 07:42 pm

राम मंदिर दान चोरी: सुप्रीम कोर्ट में आज तय होगी जांच की दिशा, CJI सूर्यकांत करेंगे अहम सुनवाई

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अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और कीमती वस्तुओं की हेराफेरी का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत की चौखट पर पहुंच चुका है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर दाखिल तीन जनहित याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में एक साथ बड़ी सुनवाई होने जा रही है। देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इस संवेदनशील मामले की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो चुकी है। इससे पहले 29 जून को कोर्ट ने जल्दबाजी से इनकार किया था, लेकिन आज की सुनवाई पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।

CAG ऑडिट और CBI जांच की उठी मांग

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, तीन अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं। याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने पूरे मामले की स्वतंत्र CBI जांच के साथ-साथ ट्रस्ट के वित्तीय मामलों का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से ऑडिट कराने की मांग की है। वहीं, राजद (RJD) सांसद सुधाकर सिंह ने मंदिर ट्रस्ट के पूरे कामकाज का फोरेंसिक ऑडिट कराने की गुहार लगाई है। इसके अलावा, अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की याचिका में विभिन्न विशेषज्ञों को शामिल कर CBI की अगुवाई में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की गई है ताकि करोड़ों भक्तों की आस्था और दान की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

बिना FIR के UP सरकार की SIT जांच पर उठे सवाल

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित मौजूदा SIT की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने बिना किसी औपचारिक FIR या आपराधिक मामला दर्ज किए ही जांच शुरू कर दी। भक्तों का कहना है कि इन खबरों ने उन पीढ़ियों को गहरा आघात पहुंचाया है जिन्होंने अयोध्या के लिए लंबा संघर्ष किया। याचिका में केंद्र, यूपी सरकार और ट्रस्ट को एक मजबूत रेगुलेटरी और पारदर्शी सुपरवाइजरी सिस्टम बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है ताकि दानदाताओं का भरोसा कायम रहे।

चंपत राय और अनिल मिश्रा पर आरोप, अखिलेश यादव ने घेरा

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेश पर ही इस राम मंदिर ट्रस्ट का गठन हुआ था। अब चोरी के खुलासे के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा सीधे आरोपों के घेरे में हैं। यूपी सरकार की SIT ने शुरुआती रिपोर्ट में चंपत राय को क्लीन चिट जैसी स्थिति दी है, जिस पर विपक्ष हमलावर है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय को चोरी की जानकारी पहले से थी और उन्होंने खुद कुछ रकम बरामद भी की थी। अखिलेश यादव ने मौजूदा SIT चीफ की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिन पर खुद धोखाधड़ी का मामला दर्ज हो, वे निष्पक्ष जांच कैसे कर सकते हैं।