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July 17 2026 08:17 pm

ENG vs IND ODI: शतक से चूकने के बाद भी जो रूट ने जीता दिल, युवा क्रिकेटरों को दिया खास संदेश; बताया 50 ओवर क्रिकेट का सबसे बड़ा सच

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कार्डिफ में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए रोमांचक दूसरे एकदिवसीय (ODI) मुकाबले में इंग्लैंड ने 4 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के महानायक रहे इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जो रूट (Joe Root), जो 133 गेंदों में 99 रन बनाकर नाबाद रहे।

भले ही जो रूट तकनीकी रूप से अपने शतक (Century) से महज 1 रन से चूक गए, लेकिन मैच के बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से ज्यादा टीम के युवा खिलाड़ियों के भविष्य और वनडे क्रिकेट के बदलते स्वरूप पर एक बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया।

"युवा खिलाड़ियों को अब खेलते हुए ही सीखना होगा"

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बातचीत करते हुए जो रूट ने देश की अगली पीढ़ी के युवा क्रिकेटरों के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवा खिलाड़ियों को 50 ओवरों के क्रिकेट (List-A और ODI) का उतना अनुभव नहीं मिल पा रहा है, जितना पहले के खिलाड़ियों को मिलता था।

जो रूट के अनुसार:

"मुझे लगता है कि मौजूदा टीम और नए युवा खिलाड़ियों के लिए यह सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। सिर्फ अभी ही नहीं, बल्कि आने वाले समय में भी जो भी नया खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय टीम में आएगा, उसे 50 ओवरों के प्रारूप का उतना अनुभव या गहरी समझ नहीं होगी, क्योंकि अब घरेलू स्तर पर भी यह प्रारूप उतना नहीं खेला जाता है। ऐसे में अनुभव की कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय मैचों में दबाव के हालातों के अनुकूल खुद को ढालना सबसे अहम हो जाता है। इन खिलाड़ियों को अब सीधे मैदान पर खेलते हुए ही सीखना होगा।"

कैसे चूके जो रूट अपने शतक से?

मैच के आखिरी पलों में कार्डिफ के मैदान पर एक बेहद दिलचस्प और थोड़ा अजीब नजारा देखने को मिला:

नॉन-स्ट्राइकर एंड पर फंसे रूट: जब इंग्लैंड को जीत के लिए केवल 3 रनों की दरकार थी, तब जो रूट 99 रन बनाकर नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े थे। भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा गेंदबाजी कर रहे थे और स्ट्राइक पर गस एटकिंसन थे।

एटकिंसन का चौका: तमाम फैंस और कमेंटेटर्स उम्मीद कर रहे थे कि एटकिंसन एक सिंगल लेकर जो रूट को स्ट्राइक देंगे ताकि वे अपना शतक पूरा कर सकें। लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर एटकिंसन ने बड़ा शॉट खेलते हुए गेंद को बाउंड्री के पार (चौका) पहुंचा दिया।

जीत मिली, शतक छूटा: इस चौके के साथ इंग्लैंड ने मुकाबला तो जीत लिया, लेकिन जो रूट 99 रन पर ही नाबाद रह गए। हालांकि एटकिंसन मैच जिताने की खुशी में झूम रहे थे, वहीं जो रूट ने इस पर कोई नाराजगी नहीं जताई, भले ही उनके चेहरे पर शतक न बन पाने की एक स्वाभाविक टीस साफ देखी जा सकती थी।

भारत जैसी नंबर-1 टीम को हराना ज्यादा संतोषजनक

शतक से चूकने के मलाल को पीछे छोड़ते हुए रूट ने कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा टीम की जीत मायने रखती है। इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ अपने पिछले 20 वनडे मैचों में से 14 गंवाए थे, ऐसे में यह जीत उनके मनोबल को बढ़ाने वाली है।

उन्होंने कहा, “अगर हम 99 रन बनाने के बाद भी मैच हार जाते, तो मुझे बहुत बुरा लगता। हम हमेशा टीम को जिताने के लिए ही खेलते हैं। अब हमारे पास श्रृंखला के निर्णायक मैच में दुनिया की नंबर-1 वनडे टीम भारत को हराने का एक बेहतरीन मौका है और इस जीत से टीम का पलड़ा भारी रहेगा।”