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September 14 2026 04:07 pm

'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर का नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज: महज ₹2 करोड़ में बनाई 265 करोड़ी फिल्म

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महान संत नीम करोली बाबा के आध्यात्मिक जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा चमत्कार साबित हुई है, जिसकी गूंज अब देश ही नहीं बल्कि सात समंदर पार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दे रही है। महज ₹2 करोड़ के सीमित बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने सिनेमाघरों में 39 दिनों के भीतर 265 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन कर मुनाफा कमाने के सारे पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए अब फिल्म की महिला निर्माता (प्रोड्यूसर) का नाम प्रतिष्ठित 'लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में आधिकारिक तौर पर दर्ज कर लिया गया है। यह सम्मान किसी भी स्वतंत्र भारतीय महिला फिल्म निर्माता के लिए सबसे कम लागत में सर्वाधिक मुनाफे वाली मुख्यधारा की फिल्म बनाने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड के तहत दिया गया है। इस वैश्विक सम्मान को हासिल करने के बाद प्रोड्यूसर ने भावुक होकर बाबा नीम करोली के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और दर्शकों की सबसे बड़ी उत्सुकता यानी फिल्म के 'पार्ट-2' को लेकर विस्तृत रूपरेखा साझा की।

लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होना भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षण

'लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' की जूरी और मूल्यांकन समिति ने 'हनुमान अंश' के वित्तीय आंकड़ों, बजट-टू-कलेक्शन रेशियो और दर्शकों के फुटफॉल का गहन विश्लेषण करने के बाद इस वैश्विक कीर्तिमान की पुष्टि की। आम तौर पर 200 से 300 करोड़ कमाने वाली फिल्मों का निर्माण बजट ही 100 से 200 करोड़ के आसपास होता है, लेकिन बिना किसी बड़े कॉर्पोरेट स्टूडियो के बैकअप और बिना किसी सुपरस्टार की मौजूदगी के महज 2 करोड़ की पूंजी से 265 करोड़ का कारोबार खड़ा करना वैश्विक स्तर पर एक दुर्लभ मिसाल माना गया है।

सम्मान पत्र और मेडल ग्रहण करने के बाद प्रोड्यूसर ने कहा कि यह कोई व्यावसायिक सफलता नहीं, बल्कि साक्षात नीम करोली बाबा और पवनपुत्र हनुमान जी की दिव्य कृपा का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था, तो कई लोगों ने उन्हें हतोत्साहित किया था कि आज के एक्शन और ग्लैमर के दौर में एक संत की आध्यात्मिक यात्रा को कौन देखेगा, लेकिन भारत की जनता ने यह साबित कर दिया कि आस्था और सच्चाई से बड़ा कोई कंटेंट नहीं होता।

पार्ट-2 को लेकर प्रोड्यूसर ने किया बड़ा ऐलान: 'कैनवास होगा और भी विशाल'

फिल्म की रिकॉर्डतोड़ सफलता और अंतरराष्ट्रीय सम्मान के बाद प्रोड्यूसर ने 'हनुमान अंश 2' (पार्ट-2) पर आधिकारिक मुहर लगाते हुए कई अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि पहले भाग में केवल पंडित लक्ष्मीनारायण शर्मा (लक्ष्मण दास) के बाल्यावस्था, गृहस्थ जीवन त्यागने और साधना के शुरुआती संघर्षों को दर्शाया गया था।

प्रोड्यूसर के मुताबिक, 'हनुमान अंश: भाग 2' की कहानी बाबा के उस कालखंड पर आधारित होगी जब वे पूर्ण सिद्ध संत के रूप में लोक कल्याण के लिए प्रकट हुए। इसमें कैंची धाम आश्रम की पावन स्थापना, 1960 और 70 के दशक में पश्चिमी देशों से आए साधकों जैसे स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग के प्रेरणास्रोत रहे राम दास (रिचर्ड अल्पर्ट) के जीवन रूपांतरण और बाबा द्वारा किए गए अलौकिक चमत्कारों को बड़े पर्दे पर विस्तृत ढंग से उकेरा जाएगा।

क्या पार्ट-2 का बजट भी बड़ा होगा?

पार्ट-2 के बजट और मेकिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रोड्यूसर ने स्पष्ट किया कि पहले भाग की सफलता से मिले मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा वे पार्ट-2 के तकनीकी स्तर, सिनेमैटोग्राफी और ऐतिहासिक शोध को विश्वस्तरीय बनाने में लगाएंगी।

हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे बजट बढ़ाने के चक्कर में कहानी की सादगी और आत्मा से कोई समझौता नहीं करेंगी। फिल्म में किसी अनावश्यक वीएफएक्स या बॉलीवुडिया तड़क-भड़क का इस्तेमाल नहीं होगा, बल्कि ऐतिहासिक प्रमाणिकता और कैंची धाम व नीब करौरी गांव के वास्तविक लोकेशंस पर ही ज्यादा से ज्यादा शूटिंग की जाएगी।

कब तक रिलीज होगा 'हनुमान अंश 2'?

पार्ट-2 की रिलीज टाइमलाइन पर बात करते हुए मेकर्स ने बताया कि स्क्रिप्टिंग और रिसर्च का काम लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है। नीम करोली बाबा के वरिष्ठ शिष्यों, पुराने साहित्यों और ट्रस्ट के पदाधिकारियों से गहन विचार-विमर्श के बाद ही पटकथा को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

तैयारियों के अनुसार, फिल्म की ऑन-ग्राउंड शूटिंग आगामी महीनों में शुरू कर दी जाएगी और इसे वर्ष 2027 के मध्य में भव्य स्तर पर सिनेमाघरों में उतारने की योजना है। प्रोड्यूसर ने अंत में सभी दर्शकों और बाबा के भक्तों का आभार जताते हुए कहा कि जिस तरह पहले भाग को जनता ने अपनी फिल्म मानकर सिर-माथे पर बिठाया, उसी तरह पार्ट-2 भी हर सनातनी और आध्यात्मिक खोजी के दिल को गहराई से छुएगा।