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September 14 2026 04:13 pm

'हनुमान अंश' के डायरेक्टर ने किया अपनी अगली बड़ी फिल्म का ऐलान: अब बड़े पर्दे पर जीवंत होगी इस महान 'रामभक्त' की पावन गाथा

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बॉक्स ऑफिस पर महज ₹2 करोड़ की लागत से 265 करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक कारोबार कर पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हैरान कर देने वाली आध्यात्मिक फिल्म 'हनुमान अंश' के निर्देशक इन दिनों लगातार चर्चा में बने हुए हैं। नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म की रिकॉर्डतोड़ सफलता और प्रोड्यूसर का नाम 'लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में शामिल होने के बाद अब निर्देशक ने अपने अगले महत्वाकांक्षी सिनेमाई प्रोजेक्ट से पर्दा उठा दिया है। भारतीय सनातन परंपरा, भक्ति आंदोलन और इतिहास की आध्यात्मिक जड़ों को पर्दे पर प्रामाणिकता के साथ उतारने का संकल्प दोहराते हुए निर्देशक ने आधिकारिक घोषणा की है कि उनकी अगली फिल्म सनातन संस्कृति के एक ऐसे परम 'रामभक्त' के जीवन संघर्ष और उनकी अटूट साधना पर आधारित होगी, जिसने पूरे देश को राम नाम की महिमा से जोड़ा था।

'हनुमान अंश' की सफलता के बाद नए प्रोजेक्ट पर मुहर

'हनुमान अंश' की ऐतिहासिक सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि कहानी में आत्मा, श्रद्धा और प्रामाणिक शोध हो तो दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए किसी कृत्रिम फॉर्मूले की आवश्यकता नहीं होती। हाल ही में मीडिया से मुखातिब होते हुए निर्देशक ने बताया कि 'हनुमान अंश' के दौरान जिस तरह का असीम प्रेम और आशीर्वाद देश-विदेश के दर्शकों से मिला, उसने उनके भीतर भारतीय आध्यात्मिक विभूतियों की कहानियों को सिनेमा के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने का दायित्व और अधिक मजबूत कर दिया है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी अगली फिल्म की पटकथा पर काम तेजी से शुरू कर दिया है।

कौन हैं वो महान 'रामभक्त' जिनकी गाथा बड़े पर्दे पर आएगी?

निर्देशक ने अपनी आगामी फिल्म के विषय की रूपरेखा साझा करते हुए संकेत दिया कि यह फिल्म कलयुग में भगवान श्री राम के सबसे बड़े उपासक, महाकाव्य 'श्रीरामचरितमानस' के रचयिता और पवनपुत्र हनुमान जी के साक्षात कृपापात्र गोस्वामी तुलसीदास जी (अथवा भक्तिकाल के अमर रामभक्त संत) की दिव्य और संघर्षमयी जीवन यात्रा पर केंद्रित होगी।

निर्देशक ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी केवल उनके रचे ग्रंथों से परिचित है, लेकिन उनके व्यक्तिगत जीवन के उन पहलुओं से पूरी तरह अनजान है जहां उन्होंने समाज के ताने, घोर गरीबी, अपनों का परित्याग और तत्कालीन सत्ता के अत्याचारों को हंसते-हंसते सहा था। प्रभु श्री राम की अनन्य भक्ति और हनुमान जी की साक्षात कृपा से उन्होंने किस प्रकार उस दौर के सामाजिक ताने-बाने को एक सूत्र में पिरोया, यह फिल्म उसी अनकही, अलौकिक और भावनात्मक यात्रा का जीवंत दस्तावेज होगी।

सादगी और ऐतिहासिक शोध ही बनेगी फिल्म की असली ताकत

आगामी फिल्म के स्वरूप पर बात करते हुए निर्देशक ने स्पष्ट किया कि 'हनुमान अंश' की तरह ही इस फिल्म को भी किसी काल्पनिक बॉलीवुडिया तड़क-भड़क या अनावश्यक वीएफएक्स ड्रामे का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा।

फिल्म की पूरी शूटिंग वास्तविक ऐतिहासिक स्थलों जैसे काशी (वाराणसी), अयोध्या और चित्रकूट के पावन तटों पर की जाएगी। ऐतिहासिक तथ्यों, प्राचीन पांडुलिपियों और अखाड़ों के संतों के साथ मिलकर एक वर्ष से अधिक समय तक इस विषय पर गहन शोध किया गया है, ताकि एक-एक प्रसंग ऐतिहासिक और आध्यात्मिक कसौटी पर खरा उतरे। निर्देशक का मानना है कि आस्था पर आधारित फिल्मों में तकनीक से ज्यादा भावना और सच्चाई की शुद्धता काम करती है।

नए कलाकारों को मिलेगा मौका, जल्द शुरू होगा प्री-प्रोडक्शन

कास्टिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर निर्देशक ने साफ किया कि वे अपनी फिल्मों में किसी बड़े स्टारडम के चेहरे को थोपने के बजाय ऐसे स्वाभाविक और मंझे हुए कलाकारों को प्राथमिकता देंगे जो उस पावन चरित्र के भाव को अपनी आंखों और हाव-भाव में जी सकें।

फिल्म की मुख्य भूमिकाओं के लिए थिएटर और स्वतंत्र सिनेमा से जुड़े समर्पित अभिनेताओं का चयन किया जाएगा। वर्तमान में फिल्म के संगीत और बोल पर देश के प्रतिष्ठित शास्त्रीय संगीतकारों के साथ चर्चा चल रही है। निर्माताओं का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 में 'हनुमान अंश 2' के साथ-साथ इस नई रामभक्ति गाथा का निर्माण कार्य भी पूरी गति से आगे बढ़ाया जाए, जिससे भारतीय सिनेमा में सनातन चेतना की एक नई और सार्थक धारा को और अधिक मजबूती मिल सके।