BREAKING:
May 19 2026 09:24 pm

चीन में तख्तापलट की तैयारी? राष्ट्रपति जिनपिंग ने सेना में शुरू की बड़ी 'सफाई', भ्रष्टाचार के नाम पर दिग्गज जनरलों की छुट्टी...

Post

India News Live,Digital Desk : ड्रैगन के साम्राज्य में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी सेना होने का दम भरने वाली पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (PLA) के भीतर से सैन्य विद्रोह की आहट सुनाई देने लगी है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सत्ता पर मंडराते खतरे को भांपते हुए सेना पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। भ्रष्टाचार को ढाल बनाकर सेना के कई शीर्ष अधिकारियों और रसूखदार जनरलों को रातों-रात उनके पदों से हटा दिया गया है, जिससे पेइचिंग के गलियारों में तख्तापलट की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

भ्रष्टाचार का बहाना और सेना में खलबली

चीन के भीतर चल रही इस बड़ी प्रशासनिक सर्जरी को आधिकारिक तौर पर 'भ्रष्टाचार विरोधी अभियान' का नाम दिया जा रहा है। हालांकि, कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं है, बल्कि जिनपिंग उन सैन्य अधिकारियों को ठिकाने लगा रहे हैं जो उनकी नीतियों के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं। जिन बड़े अधिकारियों को हटाया गया है, उनमें रॉकेट फोर्स और सामरिक महत्व वाले विभागों के दिग्गज शामिल हैं। सेना में बढ़ती यह बेचैनी किसी बड़े आंतरिक विस्फोट की ओर इशारा कर रही है।

जिनपिंग की बढ़ी बेचैनी और वफादारी की कसौटी

हाल के दिनों में चीन के रक्षा बजट और सैन्य नियुक्तियों में हुए अचानक बदलावों ने वैश्विक मंच पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रपति जिनपिंग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सेना में केवल उन्हीं को जगह मिलेगी जो कम्युनिस्ट पार्टी और उनके प्रति पूरी तरह वफादार होंगे। सूत्रों के मुताबिक, सेना के भीतर एक गुट ऐसा भी है जो जिनपिंग के बढ़ते दखल से खुश नहीं है और यही कारण है कि अब 'सफाई अभियान' के जरिए विरोध की हर आवाज को कुचलने की कोशिश की जा रही है।

क्या चीन में होने वाला है बड़ा उलटफेर?

शी जिनपिंग की इस कार्रवाई ने चीनी सेना के मनोबल पर भी असर डाला है। एक तरफ जहां सीमा पर तनाव जारी है, वहीं दूसरी तरफ घर के भीतर ही अपने जनरलों पर अविश्वास जताना जिनपिंग की कमजोरी को दर्शाता है। अगर सेना के भीतर यह असंतोष बढ़ता है, तो चीन को आने वाले समय में भीषण आंतरिक विद्रोह का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ड्रैगन के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि चीन की अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक सुरक्षा पर पड़ना तय है।