रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी की तैयारी! संसदीय समिति की दोटूक- 'युद्ध की आशंकाओं के बीच सेना को मिले और ज्यादा फंड'...
India News Live,Digital Desk : बदलती वैश्विक परिस्थितियों और पड़ोसी देशों के साथ जारी तनाव के बीच भारत अपनी सैन्य शक्ति को और अधिक धार देने की तैयारी में है। रक्षा मामलों की संसदीय समिति ने बुधवार को संसद में एक बेहद महत्वपूर्ण रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में समिति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वर्तमान भू-राजनीतिक (Geo-political) चुनौतियों को देखते हुए मौजूदा रक्षा बजट पर्याप्त नहीं है। समिति ने देश की सुरक्षा और 'विश्वसनीय युद्ध प्रतिरोधक क्षमता' (Credible Deterrence) को मजबूत बनाए रखने के लिए बजट आवंटन में तत्काल और अधिक वृद्धि करने की पुरजोर सिफारिश की है।
मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और भारत की सुरक्षा
संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस बात पर गहरा जोर दिया है कि दुनिया भर में जिस तरह के हालात बन रहे हैं, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समिति का मानना है कि भारत को अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए हर समय तैयार रहना होगा। रिपोर्ट के अनुसार, आधुनिक युद्ध तकनीक और रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए सेना को अतिरिक्त वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि यदि हमें किसी भी संभावित खतरे को जड़ से मिटाना है, तो रक्षा बजट में बढ़ोतरी करना समय की सबसे बड़ी मांग है।
दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए चाहिए 'विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता'
रिपोर्ट में 'विश्वसनीय युद्ध प्रतिरोधक क्षमता' विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि भारत की सैन्य शक्ति इतनी शक्तिशाली होनी चाहिए कि कोई भी दुश्मन देश हमला करने की हिम्मत न कर सके। समिति ने कहा है कि रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित किए जाने वाले फंड में वृद्धि केवल सैन्य खर्च नहीं, बल्कि देश के सुरक्षित भविष्य के लिए एक आवश्यक निवेश है। इस सिफारिश के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी वित्तीय योजनाओं में रक्षा मंत्रालय को बड़ा हिस्सा मिल सकता है, जिससे स्वदेशी हथियारों के निर्माण और सेना के आधुनिकीकरण को नई गति मिलेगी।