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October 11 2026 09:17 pm

'तुम लोग डरे हुए हो, है ना?' CJP प्रोटेस्ट पर प्रकाश राज का सत्ता पर तीखा प्रहार, बोले- दिन-ब-दिन नंगे होते जाओगे

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सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) और नागरिक अधिकार मंचों द्वारा आहूत विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए एहतियाती कदमों ने एक बार फिर देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस छेड़ दी है। प्रदर्शन स्थलों पर भारी पुलिस बल की तैनाती, धारा 144 लागू किए जाने, कार्यकर्ताओं की धरपकड़ और सार्वजनिक आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियों के बीच बहुभाषी अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने सत्ता प्रतिष्ठान पर तीखा तंज कसा है। हमेशा की तरह बिना किसी लाग-लपेट के अपनी राय रखने वाले प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर एक कड़ा बयान जारी करते हुए सत्ताधीशों की मंशा पर सवाल उठाए और पूछा कि आखिर शांतिपूर्ण नागरिकों के जमावड़े से हुकूमत इतनी खौफजदा क्यों है।

'तुम लोग डरे हुए हो, है ना?': सोशल मीडिया पर फूटा अभिनेता का गुस्सा

प्रकाश राज ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों और रिपोर्टों को साझा करते हुए लिखा—"तुम लोग डरे हुए हो, है ना? जब निहत्थे छात्र, जागरूक नागरिक और अधिकारों की मांग करने वाले लोग अपनी बात कहने के लिए सड़क पर उतरते हैं, तो तुम्हारे पैर कांपने लगते हैं। ट्रेनों को रोक देना, रास्तों पर कंटीले तार बिछाना और लोगों को घरों में कैद कर देना यह साबित करता है कि सत्ता के भीतर कितना गहरा डर समाया हुआ है। तुम अपनी इस घबराहट को चाहे जितनी सुरक्षा का नाम दे दो, लेकिन सच यह है कि अपनी इन हरकतों से तुम दिन-ब-दिन जनता के सामने पूरी तरह नंगे होते जाओगे।" प्रकाश राज के इस बेबाक बयान ने आते ही इंटरनेट पर सनसनी मचा दी है।

#JustAsking के जरिए लगातार सत्ता से तीखे सवाल

प्रकाश राज लंबे समय से अपने चर्चित हैशटैग #JustAsking के जरिए सरकार, प्रशासनिक नीतियों और सामाजिक विसंगतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। चाहे किसानों का आंदोलन हो, नागरिकता कानून से जुड़े विवाद हों या फिर हालिया नागरिक अधिकार प्रदर्शन—प्रकाश राज कभी भी खुलकर स्टैंड लेने से पीछे नहीं हटे हैं। उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि लोकतंत्र की असली खूबसूरती असहमति और विरोध के अधिकार में निहित है। जब सत्ता असहमति को अपराध मानकर कुचलने की कोशिश करती है, तो वह लोकतंत्र के मूल चरित्र को ही चुनौती देती है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए बिना डरे सवाल पूछते रहें।

विशाल ददलानी के बाद प्रकाश राज का तीखा रुख: बॉलीवुड में भी हलचल

इससे पहले संगीतकार विशाल ददलानी ने भी CJP प्रोटेस्ट को रोकने के प्रशासनिक रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि "पूरी दुनिया देख रही है कि सरकार किस स्तर तक जा सकती है।" अब प्रकाश राज के इस आक्रामक बयान के बाद नागरिक समाज, वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने उनके सुर में सुर मिलाया है। उनका कहना है कि किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन है।

सोशल मीडिया पर भिड़े दो गुट: जमकर हुई बहस

प्रकाश राज के इस बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई है। उनके प्रशंसकों और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने उनके साहस की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में बहुत कम हस्तियां ऐसी हैं जो अपने करियर और ट्रोलिंग की परवाह किए बिना सीधे सत्ता से आंख मिलाकर सच बोलने का दम रखती हैं। वहीं दूसरी ओर, सरकार और प्रशासन के समर्थकों ने प्रकाश राज की आलोचना करते हुए तर्क दिया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी संभावित उपद्रव या हिंसा को समय रहते रोकना होता है। बहरहाल, प्रकाश राज के इस तीखे बयान ने CJP प्रोटेस्ट के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर और ज्यादा गरमा दिया है।