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October 11 2026 12:05 am

हिरासत में अभिजीत दीपके, उधर गम में डूबा परिवार: CJP संस्थापक की दादी का निधन

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और जंतर-मंतर घेराव के आह्वान के बाद पुलिस हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके के परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक तरफ जहां दीपके दिल्ली पुलिस की प्रिवेंटिव कस्टडी (निवारक हिरासत) में हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके पैतृक आवास पर उनकी वयोवृद्ध दादी का आकस्मिक निधन हो गया है। इस दुखद समाचार के सामने आने के बाद दीपके के परिवार और समर्थकों में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।

परिवार में पसरा मातम, अंतिम दर्शन को लेकर बना संशय

पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके की दादी लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं और शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। घर में सबसे बड़े पोते के रूप में अभिजीत अपनी दादी के बेहद करीब माने जाते थे। एक ओर जहां घर में अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में दीपके के हिरासत में होने के कारण परिवार में मातम और बेचैनी दोनों का माहौल है। परिजनों और समर्थकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या कानूनी प्रक्रियाओं के बीच वे समय रहते अपने पैतृक गांव पहुंचकर अपनी दादी के अंतिम दर्शन कर पाएंगे या नहीं।

कानूनी टीम ने अंतरिम रिहाई/पेरोल के लिए शुरू की कवायद

दीपके की कानूनी टीम और वकीलों ने मानवीय आधार पर उनकी तत्काल रिहाई अथवा आपातकालीन अंतरिम जमानत के लिए दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित मजिस्ट्रेट अदालत से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। वकीलों का तर्क है कि चूंकि दीपके पर कोई गंभीर आपराधिक हिंसा का आरोप नहीं है और उन्हें केवल एहतियातन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिरासत में लिया गया था, इसलिए परिवार में हुई इस अपूरणीय क्षति को देखते हुए उन्हें तुरंत मानवीय आधार पर पैतृक गांव जाने की सशर्त अनुमति दी जानी चाहिए।

जंतर-मंतर आंदोलन से पहले हुई थी कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग के अधिकारियों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े धरने और प्रदर्शन का आह्वान किया था। कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट्स को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू की थी। इसी क्रम में राजधानी में प्रवेश करने और भीड़ जुटाने की कोशिश के दौरान दीपके सहित कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया था।

समर्थकों ने जताई गहरी संवेदना, सरकार से की मानवीय रुख की अपील

इस दुखद घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में दीपके के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जाने लगी हैं। विभिन्न छात्र संगठनों, नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं और पार्टी समर्थकों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए प्रशासन से अपील की है कि राजनीतिक मतभेदों और कानूनी कार्यवाहियों से परे हटकर मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी जाए और अभिजीत दीपके को तुरंत अपने शोकाकुल परिवार के बीच जाने दिया जाए।