Political deadlock ends in Nepal : सुशीला कार्की बनेंगी अंतरिम प्रधानमंत्री
India News Live,Digital Desk : नेपाल में जेनरेशन ज़ेड आंदोलन के बीच अंतरिम सरकार बनाने पर राजनीतिक दलों के बीच सर्वसम्मति बन गई है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल और वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों के साथ लंबी बातचीत के बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नाम पर सहमति जताई है। हालांकि, इस बारे में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इस समय राजनीतिक दल मौजूदा सरकार को भंग करने या न करने पर विचार कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री के चुनाव को लेकर जेनरेशन ज़ेड समूहों में अलग-अलग राय रही। गुरुवार को अंतरिम प्रधानमंत्री के नाम पर आम सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद शाम को सेना मुख्यालय के पास समर्थकों के बीच झड़पें हुईं और माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया। सूत्रों के अनुसार, जेनरेशन ज़ेड समूह ने चेतावनी दी थी कि अगर रात तक कोई फैसला नहीं हुआ तो शुक्रवार से आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। लेकिन राष्ट्रपति की पहल से स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया।
सुशीला कार्की के नाम पर सहमति
संविधान के तहत जेनरेशन ज़ेड समूहों की मांगों को ध्यान में रखते हुए नेपाल को संकट से बाहर निकालने के लिए राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल और वरिष्ठ न्यायविद ओम प्रकाश आर्यल के साथ लंबी बैठक की। राजनीतिक दलों के साथ समन्वय कर अंतरिम सरकार बनाने की दिशा में कदम उठाए गए। इसी प्रयास का परिणाम था कि दिनभर चले गतिरोध के बाद, रात करीब 2 बजे सभी पक्षों ने सुशीला कार्की के नाम पर सहमति बना ली।
सुशीला कार्की कौन हैं?
सुशीला कार्की का जन्म 7 जून 1952 को विराटनगर में हुआ। उन्होंने महेंद्र मोरंग कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्टग्रेजुएट की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल से कानून में डिग्री प्राप्त की और विधि सुधार के क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया। सर्वोच्च न्यायालय में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर फैसले दिए और कई अहम मुकदमों की सुनवाई की।