76 साल के होने वाले हैं पीएम मोदी, जन्मदिन पर भाजपा का मेगा प्लान; पखवाड़े की जगह पूरे 1 महीने क्यों चलेगा 'सेवा संकल्प अभियान'?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 17 सितंबर को अपने जीवन के 76वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं। अमूमन भारतीय जनता पार्टी (BJP) हर साल प्रधानमंत्री के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) तक 15 दिवसीय 'सेवा पखवाड़ा' आयोजित करती रही है। लेकिन इस बार भाजपा ने अपने संगठनात्मक इतिहास का सबसे बड़ा फैसला लेते हुए इस आयोजन का दायरा दोगुना कर दिया है।
इस बार 17 सितंबर से शुरू होकर यह अभियान 17 अक्टूबर तक पूरे एक महीने चलेगा, जिसे 'सेवा संकल्प अभियान' नाम दिया गया है। पार्टी के रणनीतिकारों ने इस एक महीने के दौरान सुशासन, गरीब कल्याण, स्वास्थ्य, राष्ट्रवाद और जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे जनता की चौखट तक पहुंचाने के लिए 13 प्रमुख कार्यक्रमों की व्यापक रूपरेखा तैयार की है।
यह एक महीना क्यों है इतना ऐतिहासिक और खास?
राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टिकोण से इस अभियान को 15 दिन से बढ़ाकर पूरे 30 दिन का करने के पीछे एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक पड़ाव जुड़ा हुआ है:
संवैधानिक और सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे: नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इस लिहाज से 7 अक्टूबर 2026 को उनके लगातार संवैधानिक व निर्वाचित सार्वजनिक जीवन (12.5 साल गुजरात के सीएम और 12.5 साल भारत के पीएम) के ऐतिहासिक 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भाजपा इस अद्वितीय उपलब्धि को सुशासन और सेवा की 'रजत जयंती' के रूप में जन-जन तक पहुंचाना चाहती है।
2 अक्टूबर और 7 अक्टूबर का संगम: 17 सितंबर को जन्मदिन, 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती (स्वच्छता अभियान) और 7 अक्टूबर को मोदी के 25 साल के शासनकाल का उत्सव—इन तीनों बड़े अवसरों को एक ही धागे में पिरोकर एक महीने का अभियान बनाया गया है।
विपक्ष के नैरेटिव की सीधी काट: आने वाले विधानसभा चुनावों और सियासी हलचलों से पहले विपक्ष के जातिगत और राजनीतिक नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए भाजपा सीधे लाभार्थियों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के बीच जाकर जमीनी संवाद स्थापित करेगी।
13 बड़े कार्यक्रमों से सजेगा अभियान: 'आशीर्वाद का दीया' से 'सेवा सेतु' तक
एक महीने चलने वाले इस 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत भाजपा ने कई बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम तैयार किए हैं:
17 सितंबर को 'आशीर्वाद का दीया': अभियान का आगाज 17 सितंबर की शाम देशभर में करोड़ों घरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्वलन (आशीर्वाद का दीया) के साथ होगा, जिसमें केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थी प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन की कामना करेंगे।
वडनगर से काशी तक 'जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा': प्रधानमंत्री की जन्मभूमि वडनगर (गुजरात) और उनकी संसदीय कर्मभूमि वाराणसी (उत्तर प्रदेश) को जोड़ते हुए विशेष बाइक व जनसंपर्क यात्राएं निकाली जाएंगी। इस दौरान दोनों राज्यों और रास्ते में पड़ने वाले क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनसंवाद आयोजित होंगे।
14 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान: 'आंगन का उत्सव' कार्यक्रम के जरिए देशभर की लगभग 14 लाख आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मानित किया जाएगा और पोषण व मातृ कल्याण योजनाओं पर महिलाओं से सीधा संवाद होगा।
'सेवा सेतु' शिविर: ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर विशेष 'सेवा सेतु' कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में सरकारी विभागों के अधिकारी आवश्यक दस्तावेजों के साथ मौजूद रहेंगे, ताकि पात्र छूटे हुए नागरिकों को मौके पर ही सरकारी योजनाओं (आयुष्मान कार्ड, किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला) से जोड़ा जा सके।
'नमो सेवा गाथा' और 'कहानी बदलाव की': नुक्कड़ नाटकों और डिजिटल प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के बचपन से लेकर अब तक के जीवन संघर्ष और लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव की सच्ची कहानियों को मंच दिया जाएगा।
'25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत': देशभर के स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में नई पीढ़ी के लिए भाषण, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
अंतिम चरण में होगा 'जनसेवा महाकुंभ'
अभियान के समापन के अवसर पर पार्टी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर 'जनसेवा महाकुंभ' का आयोजन करेगी, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ता शामिल होंगे।
इसके साथ ही अभियान के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा, देश की बढ़ती आर्थिक ताकत और आत्मनिर्भर भारत के विजन को सामने रखकर यह संदेश भी दिया जाएगा कि भारत की वैश्विक प्रगति को बाधित करने वाली ताकतों के खिलाफ देश की एकता सबसे जरूरी है। कुल मिलाकर, पीएम मोदी का 76वां जन्मदिन केवल एक औपचारिक जश्न न होकर भाजपा के लिए संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने और सीधे जनता से जुड़ने का सबसे बड़ा सियासी और सामाजिक महाअभियान बनने जा रहा है।