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September 06 2026 03:25 am

दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन में पूरे लाव-लश्कर के साथ आएंगे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग; 7 साल बाद भारत दौरा

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भारत की अध्यक्षता में राजधानी नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर 2026 को आयोजित होने जा रहे बहुप्रतीक्षित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) को लेकर वैश्विक कूटनीति की हलचल तेज हो गई है। इस सम्मेलन की सबसे बड़ी खबर यह है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बड़े और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल (पूरे लाव-लश्कर) के साथ भारत दौरे पर आ रहे हैं।

शी जिनपिंग की यह भारत यात्रा पूरे सात वर्षों के अंतराल के बाद हो रही है। इससे पहले वे अक्टूबर 2019 में चेन्नई के महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक द्विपक्षीय वार्ता के लिए भारत आए थे। गलवान घाटी और सीमा पर लंबे सैन्य गतिरोध के बाद चीनी राष्ट्रपति का यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दौरे के दौरान पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी, जिसमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और सीमा से जुड़े अनसुलझे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।

पुतिन आएंगे, ब्राजील से विदेश मंत्री; जानिए कौन-कौन से वैश्विक नेता होंगे शामिल

दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में दुनिया के प्रमुख शक्तिशाली देशों के शीर्ष नेतृत्व का जमावड़ा लगेगा:

व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं।

ईरान और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति: सम्मेलन में ईरान और इंडोनेशिया के राष्ट्रपतियों के भी प्रत्यक्ष तौर पर शामिल होने की पूरी संभावना है।

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला नहीं आएंगे: ब्राजील में आगामी घरेलू चुनावों के व्यस्त कार्यक्रम के चलते राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा व्यक्तिगत रूप से दिल्ली नहीं पहुंच पाएंगे। उनके स्थान पर ब्राजील के विदेश मंत्री अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान ने बनाई दूरी, क्यों नहीं आ रहे भारत?

बिम्स्टेक (BIMSTEC) के अध्यक्ष के रूप में भारत द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित किए जाने के बावजूद बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने की कोई संभावना नहीं है। उनकी जगह बांग्लादेश के विदेश मंत्री के भारत आने के आसार हैं।

तारिक रहमान के इस दौरे से पीछे हटने के पीछे दोनों देशों के बीच गहराया कूटनीतिक तनाव मुख्य वजह बताया जा रहा है:

शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग: बांग्लादेश की अंतरिम और नई व्यवस्था लगातार भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वापस भेजने की मांग कर रही है, जिसे लेकर दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में भारी खिंचाव आ चुका है।

'अनुकूल माहौल' की शर्त: इससे पहले बांग्लादेशी राष्ट्रपति भवन ने तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर एक बयान जारी किया था, जिसे बाद में ढाका को वापस लेना पड़ा था। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि प्रधानमंत्री के भारत दौरे से पहले दोनों देशों के बीच अनुकूल माहौल तैयार करने की जरूरत है। कयास लगाए जा रहे थे कि ब्रिक्स के मंच पर वे आ सकते हैं, लेकिन अब साफ हो गया है कि वे इस सम्मेलन से भी नदारद रहेंगे।

दिल्ली में 5-स्तरीय सुरक्षा घेरा, ब्रिक्स प्रधान न्यायाधीश मंच की बैठक भी संपन्न

सम्मेलन की संवेदनशीलता और वैश्विक नेताओं के आगमन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। जमीन से लेकर आसमान तक 5-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।

इस बीच, भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'ब्रिक्स प्रधान न्यायाधीश मंच' (BRICS Chief Justices Forum) की बैठक भी आयोजित की गई। इसमें रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, यूएई, दक्षिण अफ्रीका और ईरान सहित सदस्य व सहयोगी देशों के न्यायिक प्रमुखों ने हिस्सा लिया। अब पूरी दुनिया की नजरें 12-13 सितंबर को होने वाले मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं, जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था, बहुध्रुवीय व्यवस्था और सीमा सुरक्षा पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।