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June 30 2026 03:22 am

गैस संकट से बेहाल पाकिस्तान! अब वतन की बत्ती बुझने से बचाएगा ईरान? जानिए क्या है शहबाज सरकार का मास्टरप्लान

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पड़ोसी देश पाकिस्तान पिछले काफी समय से बदहाल अर्थव्यवस्था और ऊर्जा के भीषण संकट (Energy Crisis) से जूझ रहा है। आलम यह है कि देश के एक बड़े हिस्से में रसोई और उद्योगों के लिए गैस की भारी किल्लत हो गई है। पाकिस्तान के जाने-माने अर्थशास्त्री महमूद रसूल के मुताबिक, मुल्क के अधिकांश हिस्सों में इस समय एलपीजी और प्राकृतिक गैस की गंभीर कमी है। इस बदहाली से निपटने के लिए अब पाकिस्तान सरकार की नजरें पड़ोसी देश ईरान की तरफ टिकी हुई हैं। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रुकवाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाला पाकिस्तान अब इस शांति समझौते का रणनीतिक फायदा उठाने की फिराक में है।

पंजाब प्रांत में दिन में कुछ घंटे ही मिल रही गैस

पाकिस्तान में गैस संकट का सबसे ज्यादा असर पंजाब प्रांत में देखने को मिल रहा है। रसूल ने बताया कि संकट इतना गहरा चुका है कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को चौबीस घंटे सप्लाई देने में नाकाम है और दिन में केवल कुछ ही घंटों के लिए गैस की आपूर्ति की जा रही है। इससे आम जनता का दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और होटल-रेस्तरां बंद होने की कगार पर हैं।

अमेरिकी प्रतिबंधों में मिली 60 दिनों की ढील ने जगाई उम्मीद

पाकिस्तान के लिए राहत की खिड़की तब खुली जब अमेरिका ने ईरान पर लगे कड़े प्रतिबंधों में अस्थायी रूप से ढील देने का ऐलान किया। अमेरिका ने 60 दिनों की एक विशेष छूट जारी की है, जिसके तहत ईरान कुछ विशिष्ट शर्तों के साथ दुनिया के देशों को कच्चा तेल (Crude Oil) और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात कर सकता है। हालांकि, यह प्रतिबंधों की कोई स्थायी छूट नहीं है और यह पूरी तरह से अमेरिका-ईरान के बीच चल रही भविष्य की वार्ताओं के नतीजों पर निर्भर करेगी। इस ढील के तुरंत बाद पाकिस्तान के भीतर ईरान से बेहद सस्ते दामों पर तेल और गैस आयात करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है।

ईरान से सस्ता ईंधन खरीदने की तैयारी में पाकिस्तान

पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने लाहौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार के इरादे साफ कर दिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष की समाप्ति के बाद खाड़ी क्षेत्र में शांति बहाल हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। मंत्री ने खुलासा किया कि पाकिस्तान सरकार इस सुनहरे मौके का फायदा उठाते हुए ईरान से सस्ते दामों में तेल और गैस आयात करने के सभी कानूनी और तकनीकी विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते और वैश्विक नियमों का उल्लंघन नहीं करेगा।

पेट्रोल की कीमतों पर जनता को गुमराह करने का आरोप

ईंधन की घरेलू कीमतों पर मचे घमासान के बीच पेट्रोलियम मंत्री ने विपक्ष और कुछ शरारती तत्वों पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ व्यक्तिगत रूप से इस बात की निगरानी कर रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम हुई कीमतों का सीधा और तुरंत फायदा पाकिस्तान की गरीब जनता तक पहुंचे।

आपको बता दें कि जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात थे, तब पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूते हुए 414 रुपये प्रति लीटर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। वर्तमान में खाड़ी में शांति के बाद यह कीमतें घटकर 300 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर आ गई हैं, जिसे सरकार अपनी बड़ी कामयाबी बता रही है।