'मोदी और मैं ही काम पूरा करना जानते हैं...' महायुद्ध के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, पीएम मोदी के साथ फोन पर हुई गुप्त चर्चा से दुनिया में खलबली
India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने वैश्विक राजनीति में भारत के कद को और ऊंचा कर दिया है। ट्रंप ने दोनों नेताओं की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि वे और पीएम मोदी दुनिया के उन गिने-चुने लोगों में से हैं जो किसी भी काम को अधूरा नहीं छोड़ते और उसे बखूबी अंजाम देना जानते हैं।
ट्रंप का चौंकाने वाला बयान: 'हम जो कहते हैं, वो करते हैं'
भारत में स्थित अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को ट्रंप का यह विशेष संदेश सोशल मीडिया पर साझा किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, "भारत के साथ हमारे शानदार संबंध आने वाले समय में और भी मजबूत होंगे। प्रधानमंत्री मोदी और मैं दो ऐसे व्यक्तित्व हैं जो काम को पूरा (Get the job done) करते हैं। यह वाक्य बहुत कम लोगों के बारे में कहा जा सकता है।" ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया की नजरें ईरान और इजरायल के बीच जारी विनाशकारी युद्ध पर टिकी हैं।
मंगलवार को हुई 'सीक्रेट' कॉल: युद्ध शुरू होने के बाद पहली बातचीत
आपको बता दें कि 28 फरवरी 2026 को ईरान युद्ध छिड़ने के बाद दोनों वैश्विक नेताओं के बीच मंगलवार को पहली बार टेलीफोन पर लंबी चर्चा हुई। इस बातचीत के दौरान ट्रंप और मोदी ने मध्य पूर्व (Middle East) की बिगड़ती स्थिति और क्षेत्र में स्थिरता लाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया। कूटनीतिक गलियारों में इस बातचीत को युद्धविराम की दिशा में एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
पीएम मोदी का शांति मंत्र: 'होर्मुज का खुला रहना पूरी दुनिया के लिए जरूरी'
ट्रंप से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्वीट कर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर सार्थक चर्चा हुई। भारत तनाव कम करने और जल्द शांति बहाली का पुरजोर समर्थन करता है।" पीएम मोदी ने विशेष रूप से 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए इस समुद्री मार्ग का सुरक्षित और सुलभ रहना पूरी दुनिया के हित में है।
मध्यस्थ की भूमिका में भारत? ट्रंप के संदेश के मायने
भारत इस युद्ध में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं है, लेकिन अमेरिका, इजरायल और ईरान तीनों देशों के साथ भारत के प्रगाढ़ संबंध हैं। ट्रंप का यह बयान संकेत देता है कि अमेरिका इस संकट को सुलझाने में भारत की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण मान रहा है। जब वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो रही है और व्यापारिक मार्ग खतरे में हैं, तब मोदी-ट्रंप की यह जुगलबंदी दुनिया को युद्ध की आग से बाहर निकालने का रास्ता दिखा सकती है।