अब सिर्फ पैसे होना काफी नहीं
अब सिर्फ पैसे होना काफी नहीं, पसंदीदा अनुभव में जगह पक्की होना ही नई पहचान है: कोटक महिंद्रा बैंक
कोटक महिंद्रा बैंक के अनुसार, कॉन्सर्ट, खास डाइनिंग अनुभवों और सांस्कृतिक आयोजनों की मांग उपलब्ध सीटों और अवसरों की तुलना में कहीं तेज़ी से बढ़ रही है। ऐसे में इन आयोजनों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर पाना पहले से कहीं अधिक अहम हो गया है।
एक समय था जब प्रीमियम क्रेडिट कार्ड की पहचान एयरपोर्ट लाउंज, गोल्फ क्लब, कंसीयर्ज सर्विस और रिवॉर्ड पॉइंट्स जैसी सुविधाओं से होती थी। जब ऐसे कार्ड रखने वाले लोग कम थे, तब ये सुविधाएं ही विशेष होने का एहसास दिलाती थीं। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। कोटक महिंद्रा बैंक का मानना है कि आज लोगों के लिए असली महत्व उन अनुभवों का है, जिन्हें हर कोई आसानी से हासिल नहीं कर सकता। चाहे वर्षों बाद किसी पसंदीदा कलाकार का लाइव कॉन्सर्ट हो, किसी प्रतिष्ठित शेफ का खास डिनर हो या किसी सांस्कृतिक आयोजन की फ्रंट रो (पहली कतार) की सीट, ऐसे पल अब सिर्फ एक टिकट नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव बन चुके हैं।
अनुभवों को पाने की चाह आज भी वही है, लेकिन अब उन्हें हासिल करने की होड़ बढ़ गई है। बैंक के अनुसार, इन अनुभवों की खासियत यही है कि इन्हें बाद के लिए टाला नहीं जा सकता। कोई सामान तो कभी भी खरीदा जा सकता है, लेकिन कॉन्सर्ट, लाइव शो या खास डाइनिंग इवेंट का मौका एक बार निकल जाए तो फिर लौटकर नहीं आता। यही वजह है कि ऐसे अनुभव लोगों के लिए पहले से कहीं ज्यादा मायने रखने लगे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 तक भारत का लाइव इवेंट्स बाजार करीब 13,000 करोड़ रुपये का हो चुका है। वहीं, उपभोक्ताओं के बीच अब सामान खरीदने के बजाय यादगार अनुभवों पर खर्च करने का रुझान लगातार बढ़ रहा है। नतीजा यह है कि सीमित टिकटों और चुनिंदा आयोजनों के लिए प्रतिस्पर्धा भी पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गई है।
जब चुनौती कीमत नहीं, उपलब्धता बन जाए कोटक महिंद्रा बैंक ने करीब तीन साल पहले ही अंतरराष्ट्रीय कलाकारों और प्रीमियम लाइव इवेंट्स के साथ साझेदारी शुरू कर दी थी। हालांकि, तब भारत में ऐसे कार्यक्रम कम होते थे। इसके बाद भारत में एक के बाद एक कई वैश्विक कलाकारों ने प्रस्तुति दी, जिनमें से कुछ वर्षों बाद देश लौटे थे। आयोजनों की संख्या बढ़ने के साथ एक बात साफ़ दिखी, सबसे ज्यादा मांग वाली टिकटें सबसे पहले बिकने लगीं।
कोटक को इसका स्पष्ट उदाहरण हाल ही में ऋषभ ऋखीराम शर्मा के दौरे के दौरान देखने को मिला। मुंबई और दिल्ली के शो के प्री-सेल टिकट 24 घंटे के भीतर ही बिक गए। दस शहरों में आयोजित इस दौरे में करीब एक लाख लोग शामिल हुए।
मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन उपलब्धता सीमित है। ऐसे में किसी आयोजन का हिस्सा बन पाना ही अपने आप में अहम होता जा रहा है। कई मामलों में अनुभव का खर्च उठा सकने वाले लोगों की संख्या, उपलब्ध सीटों से कहीं ज्यादा है।
कोटक महिंद्रा बैंक का कहना है कि उसके संपन्न ग्राहकों के बीच यह बदलाव साफ़ दिखाई दे रहा है। जिन
अनुभवों को पहले कभी-कभार चुना जाता था, उनकी योजना अब लोग काफी पहले से बनाने लगे हैं, खासकर
जब उनकी उपलब्धता सीमित हो।
बैंक का कहना है कि यही वजह है कि एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, कंसीयर्ज सेवाएं और गोल्फ जैसी सुविधाएं आज
भी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अब वे पहले जैसी खास पहचान नहीं बनातीं। इन सुविधाओं का दायरा बढ़ने से इनमें
वह विशिष्टता नहीं रही, जो कभी हुआ करती थी।
बदल रही है खास ग्राहकों की प्राथमिकता
कोटक महिंद्रा बैंक के आमंत्रण-आधारित प्रीमियम ग्राहक वर्ग कोटक सॉलिटेयर में यह बदलाव सबसे स्पष्ट
दिखाई दे रहा है। बैंक अपने क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को आम बिक्री शुरू होने से पहले ही टिकट खरीदने का अवसर देता है। बढ़ती मांग का असर टिकटों के आवंटन पर भी दिखा है। आमतौर पर प्री-सेल के लिए कुल टिकटों का 20 से 30
प्रतिशत हिस्सा रखा जाता है, लेकिन हाल के कुछ आयोजनों में इसे बढ़ाकर 40 प्रतिशत तक कर दिया गया। कोटक का कहना है कि संपन्न ग्राहक अब सिर्फ अनुभव नहीं, बल्कि उसमें अपनी जगह सुनिश्चित होने को भी उतना ही महत्व दे रहे हैं। उनके लिए किसी आयोजन में जगह पक्की होना भी अब उस पूरे अनुभव का अहम हिस्सा बन गया है।
कोटक महिंद्रा बैंक में हेड, अफ्लुएंट एंड सैलरिड प्रपोजिशन, ज्योति समाजपति ने कहा, "हम देख रहे हैं कि हमारे संपन्न ग्राहक अब ऐसे अनुभवों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं, जो अलग हों, लंबे समय तक याद रहें और जिन्हें बार-बार दोहराया न जा सके। जैसे-जैसे ऐसे अनुभवों की मांग बढ़ रही है, उनमें अपनी जगह सुनिश्चित करना भी उतना ही अहम होता जा रहा है। ग्राहक चाहते हैं कि उन्हें इस बात का भरोसा हो कि वे उन अनुभवों का हिस्सा बन सकेंगे, जो उनके लिए मायने रखते हैं। ऐसे में समय पर पहुंच, प्राथमिक पहुंच और सहज बुकिंग जैसी सुविधाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।"
कोटक महिन्द्रा बैंक के अनुसार, बढ़ती समृद्धि के साथ प्रिविलेज की परिभाषा भी बदल रही है। अब सिर्फ खर्च उठा पाना ही काफी नहीं, बल्कि पसंदीदा अनुभव का हिस्सा बनना सुनिश्चित कर पाना भी उतना ही अहम हो गया है।