June 25 2026 04:02 am

अब डेटा ट्रांसफर होगा बिजली से भी तेज़ – जानें कैसे काम करता है नया आविष्कार

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India News Live,Digital Desk : वैज्ञानिकों ने एक ऐसा अद्भुत लेज़र एम्पलीफायर विकसित किया है जो मौजूदा तकनीक से 10 गुना तेज़ी से डेटा ट्रांसमिट कर सकता है। यह आविष्कार न केवल भविष्य में इंटरनेट की गति को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि चिकित्सा और वैज्ञानिक अनुसंधान में भी अहम भूमिका निभा सकता है।

लेज़र एम्पलीफायर क्या करता है?
लेज़र एम्पलीफायर प्रकाश किरणों की तीव्रता बढ़ाता है। वर्तमान दूरसंचार प्रणालियों में, इंटरनेट सिग्नल ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से भेजे जाते हैं। डेटा ट्रांसमिशन की क्षमता मुख्य रूप से एम्पलीफायर की बैंडविड्थ पर निर्भर करती है, यानी सूचना की कितनी अलग-अलग तरंगदैर्ध्य भेजी जा सकती है।

डेटा ट्रैफ़िक की बढ़ती चुनौती: 
स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म, स्मार्ट डिवाइस और जनरेटिव एआई का बढ़ता इस्तेमाल डेटा का बोझ हर दिन बढ़ा रहा है। नोकिया बेल लैब्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक दुनिया का डेटा ट्रैफ़िक दोगुना हो जाएगा। ऐसे में बैंडविड्थ बढ़ाना बेहद ज़रूरी है।

नई तकनीक - उच्च-दक्षता वाला ऑप्टिकल एम्प्लीफिकेशन।
शोधकर्ताओं ने अब 300 नैनोमीटर की बैंडविड्थ वाला एक नया उच्च-दक्षता वाला ऑप्टिकल एम्प्लीफायर डिज़ाइन किया है। इसकी तुलना में, मौजूदा सिस्टम में केवल 30 नैनोमीटर की बैंडविड्थ होती है। इससे नया एम्प्लीफायर प्रति सेकंड 10 गुना ज़्यादा डेटा संचारित कर सकता है।

यह एम्पलीफायर कैसे काम करता है?
यह सिलिकॉन नाइट्राइड से बना है, जो उच्च तापमान को सहन कर सकता है। इसमें सर्पिल आकार के वेवगाइड का उपयोग किया गया है जो लेज़र पल्स को अधिक कुशलता से निर्देशित करते हैं और सिग्नल विरूपण को कम करते हैं। इसे छोटा किया गया है, जिसका अर्थ है कि एक छोटी चिप पर कई एम्पलीफायर लगाए जा सकते हैं। इस डिज़ाइन में प्रयुक्त चार-तरंग मिश्रण तकनीक विभिन्न ऑप्टिकल आवृत्तियों को मिलाकर आउटपुट को बेहतर बनाती है और शोर को कम करती है।

इसका इस्तेमाल सिर्फ़ इंटरनेट में ही नहीं, बल्कि इन क्षेत्रों में भी होता है।
हालाँकि इंटरनेट की स्पीड बढ़ाना इसका सबसे बड़ा फ़ायदा है, लेकिन इसके और भी कई इस्तेमाल हैं:

मेडिकल इमेजिंग और डायग्नोस्टिक्स,
होलोग्राफी और माइक्रोस्कोपी,
स्पेक्ट्रोस्कोपी और वैज्ञानिक विश्लेषण।
शोधकर्ताओं का कहना है कि डिज़ाइन में थोड़े से बदलाव के साथ, इसका इस्तेमाल दृश्य प्रकाश (400-700 नैनोमीटर) और विस्तारित इन्फ्रारेड (2000-4000 नैनोमीटर) रेंज में भी किया जा सकता है। यह तकनीक बीमारियों का जल्दी और सटीक पता लगाने में मदद कर सकती है।

भविष्य का इंटरनेट और विज्ञान:
इस तकनीक में इंटरनेट को आज की तुलना में 10 गुना तेज़ बनाने की क्षमता है। स्वास्थ्य, अनुसंधान और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में इसका उपयोग क्रांतिकारी साबित हो सकता है। इसका छोटा आकार और कम लागत इसे आम आदमी की पहुँच में भी ला सकती है।