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July 20 2026 08:35 pm

Ajit Pawar's cultural message amid language dispute गैर मराठी लोगों को मराठी सीखने की सलाह

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India News Live,Digital Desk : महाराष्ट्र की राजनीति में 'मराठी भाषा' का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने हाल ही में मुंबई में रहने वाले गैर-मराठी भाषी लोगों को एक अनोखी लेकिन स्पष्ट सलाह दी है: "मराठी भाषा विनम्रतापूर्वक सीख लो।" उनके इस बयान को मराठी संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत देखा जा रहा है।

अजित पवार का यह बयान महाराष्ट्र के बदलते सियासी समीकरणों के बीच आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में विभाजन के बाद पवार अब सत्ता पक्ष का हिस्सा हैं, और उनके बयानों को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "कुछ दिनों पहले मराठी राजभाषा दिन मनाया गया था और अब हर क्षेत्र में इसकी मांग बढ़ती जा रही है। लोग मांग कर रहे हैं कि मराठी भाषा का सम्मान और प्रचार-प्रसार हो।"

उन्होंने गैर-मराठी भाषी निवासियों को संबोधित करते हुए कहा, "जो लोग मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में काम करते हैं और यहाँ कई दशकों से रह रहे हैं, उन्हें मराठी सीखनी चाहिए। महाराष्ट्र राज्य की भाषा मराठी है। सभी मराठी लोगों को मराठी बोलने वालों के लिए बोलने का पूरा अधिकार है।" उनका यह भी मानना है कि यदि कोई मुंबई में या महाराष्ट्र में लंबे समय से रह रहा है और काम कर रहा है, तो उन्हें यहाँ की संस्कृति और भाषा को अपनाना चाहिए।

अजीत पवार ने इशारों-इशारों में कहा कि ऐसा करने से लोगों को न सिर्फ स्थानीय स्तर पर स्वीकार्यता मिलेगी, बल्कि किसी भी तरह की 'मुश्किल' से भी वे खुद को बचा पाएंगे। यह एक तरह की विनम्र चेतावनी थी कि यदि मराठी भाषा को महत्व नहीं दिया गया, तो भविष्य में कुछ चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

मराठी अस्मिता का यह मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। अजीत पवार का बयान बताता है कि सत्ता में आने के बाद भी क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति को लेकर उनका रुख मजबूत बना हुआ है।