New revolution in religious tourism : वाराणसी, चित्रकूट और खजुराहो जुड़ेंगे वंदे भारत से
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-24 03:04:00
India News Live,Digital Desk : धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब वाराणसी, विंध्याचल, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो के बीच यात्रा और भी आसान होने वाली है। रेलवे मंत्रालय ने इन शहरों को जोड़ने वाली पांचवीं वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दे दी है।
वाराणसी से खजुराहो की दूरी अब केवल पांच घंटे में पूरी हो सकेगी। इस ट्रेन से प्रयागराज को खास फायदा होगा, क्योंकि छिवकी स्टेशन पर दोनों दिशाओं में ठहराव होगा। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि चार प्रमुख धार्मिक केंद्रों–वाराणसी, विंध्याचल, प्रयागराज और चित्रकूट–को भी एक मार्ग पर जोड़ दिया जाएगा।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने खजुराहो के सांसद विष्णुदत्त शर्मा को इस ट्रेन की स्वीकृति की औपचारिक जानकारी दी है। संभावित समय-सारिणी के अनुसार, सुबह 5:25 बजे वाराणसी से चलकर यह ट्रेन विंध्याचल (6:55-6:57), प्रयागराज छिवकी (8:00-8:05), चित्रकूट धाम (10:05-10:07), बांदा (11:08-11:10) और महोबा (12:08-12:10) होते हुए दोपहर 1:10 बजे खजुराहो पहुंचेगी।
वापसी में खजुराहो से 3:20 बजे रवाना होकर महोबा, बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज छिवकी, विंध्याचल होते हुए रात 11 बजे वाराणसी लौटेगी।
यह ट्रेन न केवल तीर्थयात्रियों के लिए मददगार होगी, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा देगी। खजुराहो के यूनेस्को विश्व धरोहर मंदिर, वाराणसी की गंगा घाटें, प्रयागराज का संगम, श्रृंगवेरपुर धाम और चित्रकूट की रामायण से जुड़ी पवित्र जगहें अब एक ही यात्रा में आसानी से देखी जा सकेंगी।
स्थानीय व्यापारी और होटल व्यवसायी भी इस नई सुविधा को लेकर उत्साहित हैं, क्योंकि इससे पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना है। पहले ट्रेनों की कमी के कारण पीछे रह गए शहर अब बेहतर कनेक्टिविटी से आर्थिक रूप से लाभान्वित होंगे।
वंदे भारत एक्सप्रेस आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी और उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को नई गति देगी। रेलवे प्रवक्ता सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन की तैयारी चल रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।