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October 18 2026 11:50 pm

भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा: अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का दिल्ली दौरा

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India News Live,Digital Desk : भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की तैयारी जोरों पर है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिए हैं कि द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं को अगले स्तर पर ले जाने के लिए अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल अगले महीने भारत का दौरा कर सकता है। यह कदम 'व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते' (BTA) को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।

मार्को रुबियो की पहली भारत यात्रा

इस कूटनीतिक और व्यापारिक दौरे का मुख्य आकर्षण अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा है। रुबियो 23 मई से चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। हालांकि वे बीटीए के मुख्य वार्ताकार के तौर पर नहीं आ रहे हैं, लेकिन उनकी यह पहली भारत यात्रा व्यापार, रक्षा और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की रूपरेखा तय करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ट्रेड डील की राह में चुनौतियां और समाधान

फरवरी में हुए संयुक्त बयान के बाद से ट्रेड डील की दिशा में लगातार प्रगति हो रही है। हालांकि, अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत लगाए गए 10% अतिरिक्त शुल्क और धारा 301 के तहत शुरू की गई जांच ने व्यापारिक समीकरणों को थोड़ा जटिल जरूर बनाया है। बावजूद इसके, भारत और अमेरिका इन बाधाओं को सुलझाने और आपसी व्यापार को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए गंभीर बातचीत कर रहे हैं।

निवेश का नया केंद्र: 60 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता

पीयूष गोयल ने गर्व के साथ साझा किया कि भारत वैश्विक स्तर पर पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में उभरा है। पिछले छह महीनों में ही अमेरिकी उद्योग जगत से 60 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की निवेश प्रतिबद्धताएं मिली हैं, जिसमें अमेजन और गूगल के डेटा सेंटर निवेश प्रमुख हैं।

प्रमुख फोकस क्षेत्र: प्रौद्योगिकी, नवाचार, क्वांटम कंप्यूटिंग, उच्च-सटीक रक्षा उपकरण और चिकित्सा उपकरण।

MSME को प्रोत्साहन: मंत्री ने अमेरिकी कंपनियों से आग्रह किया कि वे MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को सात दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि छोटे उद्यमों का नकदी प्रवाह (cash flow) मजबूत हो और वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिक सकें।

'सुनहरा अवसर' और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain)

वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता, विशेष रूप से यूक्रेन युद्ध और मिडिल एशिया के तनाव के बीच भारत और अमेरिका के पास 'विश्वसनीय और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला' (Reliable Supply Chain) विकसित करने का यह एक सुनहरा अवसर है। गोयल के अनुसार, भारतीय मानक ब्यूरो और अन्य निरीक्षण एजेंसियां अमेरिकी कंपनियों के मानकों के अनुरूप सुविधाएं देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा न केवल लंबित ट्रेड डील को रफ्तार देगा, बल्कि दोनों देशों के बीच तकनीक और निवेश के एक नए युग की शुरुआत भी करेगा।