नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की बनीं, भारी विरोध और हिंसा के बाद राजनीतिक शांति की उम्मीद

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India News Live,Digital Desk : नेपाल की राजनीति में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। यह फैसला नेपाल में हालिया राजनीतिक अशांति और विरोध प्रदर्शन के बाद आया है।

पिछले हफ़्ते, भ्रष्टाचार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के चलते केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध और सरकार के कदमों ने देश में कई वर्षों में सबसे गंभीर अशांति पैदा कर दी थी। विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में 51 लोग मारे गए और 1,300 से अधिक घायल हुए। ओली के इस्तीफे के बाद ही हिंसा पर नियंत्रण पाया गया।

सुशीला कार्की के नाम पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों और जेन-जेड विरोधी समूह के प्रतिनिधियों के बीच सर्वसम्मति बनी। राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि उनका शपथ ग्रहण समारोह रात 9 बजे संपन्न हुआ।

इससे पहले, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल ने एक संविधान विशेषज्ञ की राय ली थी, जिसके बाद यह तय हुआ कि सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाएगा। कई जेन-जेड सूत्रों ने भी कहा कि युवा वर्ग उनकी नियुक्ति का समर्थन करता है।

नेपाल की पहली और एकमात्र महिला मुख्य न्यायाधीश कार्की अपनी ईमानदारी, निष्ठा और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए जानी जाती हैं। उनके नाम पर हुई यह नियुक्ति राष्ट्रपति के आवास पर हुई बैठक के बाद औपचारिक रूप से की गई।

यह कदम नेपाल में राजनीतिक स्थिरता और युवाओं की मांग को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।