'NATO का भविष्य होगा अंधकारमय', ईरान जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप की यूरोपीय देशों को दोटूक चेतावनी; चीन से मांगी मदद..

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच गहराते युद्ध के संकट ने अब पूरी दुनिया की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस भीषण तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने विस्फोटक बयानों से सनसनी फैला दी है। ट्रंप ने यूरोपीय देशों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि हालात नहीं संभले, तो 'नाटो' (NATO) का भविष्य बेहद बदतर और डरावना हो जाएगा। इसके साथ ही ट्रंप ने वैश्विक समीकरणों को बदलते हुए इस संकट के समाधान के लिए चीन से भी मदद की गुहार लगाकर सबको हैरान कर दिया है।

यूरोपीय देशों को ट्रंप की दोटूक: 'अब अपनी सुरक्षा खुद संभालें'

ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ती सैन्य तनातनी पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि नाटो के सदस्य देश लंबे समय से अमेरिका के भरोसे बैठे रहे हैं, लेकिन अब वह वक्त खत्म हो रहा है। उन्होंने आगाह किया कि अगर यूरोपीय देश अपनी रक्षा जिम्मेदारियों और खर्चों को लेकर गंभीर नहीं हुए, तो आने वाले समय में नाटो का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के साथ जारी संघर्ष में यूरोपीय यूनियन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने साफ संकेत दिए कि अमेरिका अब बिना किसी शर्त के दुनिया का पुलिसकर्मी बने रहने के मूड में नहीं है।

चीन से मदद की गुहार: क्या बदलेगा वैश्विक युद्ध का नक्शा?

ट्रंप के ताजा बयान का सबसे चौंकाने वाला पहलू चीन को लेकर उनका रुख रहा। एक तरफ जहां ट्रंप और चीन के बीच व्यापारिक युद्ध (Trade War) जगजाहिर है, वहीं अब ईरान के साथ जारी तनाव को कम करने के लिए उन्होंने बीजिंग से दखल देने की अपील की है। ट्रंप का मानना है कि ईरान पर चीन का गहरा प्रभाव है और केवल बीजिंग ही तेहरान को पीछे हटने के लिए मजबूर कर सकता है। इस अपील ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के विशेषज्ञों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या ट्रंप आगामी चुनावों से पहले रूस-चीन-ईरान की धुरी को साधने की कोशिश कर रहे हैं।

ईरान जंग और तीसरे विश्व युद्ध की आहट

ईरान और इजरायल के बीच जारी मिसाइल हमलों और जमीनी संघर्ष ने तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की आशंकाओं को बल दे दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि वर्तमान प्रशासन की ढुलमुल नीतियों के कारण ही ईरान आज इस कदर बेखौफ हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वैश्विक शक्तियों ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो मिडिल ईस्ट की यह आग पूरे यूरोप और अमेरिका को अपनी चपेट में ले लेगी। ट्रंप के इस रुख ने न केवल नाटो के सहयोगियों बल्कि अमेरिका के भीतर भी डेमोक्रेटिक खेमे में खलबली मचा दी है।