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July 11 2026 11:44 pm

फीफा वर्ल्ड कप में स्पेन का तहलका! बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह

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फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है, जहां लॉस एंजिल्स के मैदान पर खेले गए एक बेहद सांस रोक देने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है। शनिवार सुबह खेले गए इस महामुकाबले में स्पेन के स्टार सब्स्टीट्यूट मिकेल मेरिनो (Mikel Merino) ने आखिरी पलों में एक ऐतिहासिक गोल दागकर अपनी टीम को अंतिम चार में पहुंचा दिया। इस धमाकेदार जीत के साथ ही स्पेन का सफर अब सेमीफाइनल की ओर बढ़ गया है, जहां डलास (Dallas) के मैदान पर उनका सामना दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक फ्रांस (France) से होने जा रहा है। दूसरी ओर, इस करारी हार के साथ ही बेल्जियम का विश्व कप अभियान यहीं पर समाप्त हो गया है।

मिकेल मेरिनो ने पलटी हारी हुई बाजी: आखिरी मिनटों में बेल्जियम के गोलकीपर की गलती पड़ी भारी

मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट आखिरी मिनटों में आया, जब मुकाबला 1-1 की बराबरी पर चल रहा था और ऐसा लग रहा था कि मैच एक्स्ट्रा टाइम में खिंचेगा। तभी पाउ क्यूबार्सी ने लंबी दूरी से एक जोरदार शॉट लगाया, जिसे बेल्जियम के स्थानापन्न गोलकीपर सेने लैमेंस पूरी तरह से कलेक्ट नहीं कर पाए और गेंद उनके हाथ से छटक गई। बेंच से सुपर-सब के तौर पर आए स्पेनिश मिडफील्डर मिकेल मेरिनो ने बिजली की गति से रिएक्ट किया और रिबाउंड पर गेंद को सीधे नेट में डालकर बेल्जियम के डिफेंस को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। इस गोल ने बेल्जियम की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

फैबियन रुइज़ ने दिलाई थी शुरुआती बढ़त: बेल्जियम के स्टार ने तोड़ा स्पेन का 10 घंटे का डिफेंस रिकॉर्ड

इससे पहले मुकाबले के 30वें मिनट में स्पेन ने मैच में शानदार शुरुआत की थी। चोटिल पेड्री की जगह शुरुआती इलेवन (Starting XI) में शामिल किए गए फैबियन रुइज़ ने पहला गोल दागकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिलाई। पेड्रो पोरो के बेहतरीन कट-बैक पर डैनी ओल्मो ने शॉट लिया, जिसे बेल्जियम के नियमित कीपर थिबॉट कोर्टोइस ने रोक तो लिया, लेकिन गेंद रुइज़ के पास चली गई जिन्होंने इसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। हालांकि, इसके ठीक 11 मिनट बाद 41वें मिनट में बेल्जियम ने मैच में वापसी की। टिमोथी कास्टेग्ने के दाईं ओर से आए शानदार क्रॉस पर चार्ल्स डी केटेलेरे ने एक जोरदार हेडर लगाकर स्पेन के गोलकीपर उनाई साइमन को छकाते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल के साथ ही स्पेन के टूर्नामेंट में पिछले 10 घंटे से अधिक समय से बिना कोई गोल खाए क्लीन शीट रखने के रिकॉर्ड का भी अंत हो गया।

दूसरे हाफ में दिखा लुइस डे ला फुएंते की टीम का दबदबा: चोटिल होकर बाहर हुए कोर्टोइस

हाफटाइम के बाद स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते की रणनीति पूरी तरह सफल रही। स्पेनिश टीम ने लंबे समय तक बॉल पजेशन (Ball Possession) अपने पास रखा और लैमिन यामल के आक्रामक मूव्स के दम पर बेल्जियम के डिफेंस को लगातार बैकफुट पर धकेले रखा। बेल्जियम को 72वें मिनट में सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उनके स्टार गोलकीपर थिबॉट कोर्टोइस जांघ की गंभीर चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए। उनकी जगह मैनचेस्टर यूनाइटेड के कीपर सेने लैमेंस को तुरंत मैदान पर बुलाया गया। लैमेंस ने शुरुआती दौर में कुछ बेहतरीन बचाव जरूर किए, लेकिन मैच के आखिरी पलों में उनके द्वारा छोड़े गए रिबाउंड ने ही स्पेन को विजयी गोल करने का मौका दे दिया।

रेड डेविल्स के स्वर्णिम युग का दुखद अंत: केविन डी ब्रूने और लुकाकू का आखिरी वर्ल्ड कप मैच?

मैच के अंतिम इंजरी टाइम (Extra Time) के सात मिनटों के दौरान बेल्जियम के पास बराबरी करने का एक सुनहरा मौका था, जब स्पेनिश कीपर उनाई साइमन अपनी लाइन से काफी आगे आ गए थे, लेकिन बेल्जियम के एलेक्सिस सेलेमेकर्स उस पास को सही से फिनिश नहीं कर पाए। इस हार के बाद बेल्जियम की 'गोल्डन जनरेशन' (Golden Generation) के भविष्य पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। खेल समीक्षकों का मानना है कि रेड डेविल्स की जर्सी में दिग्गज थिबॉट कोर्टोइस, कप्तान केविन डी ब्रूने (Kevin De Bruyne) और स्टार स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू का यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकता है, जिससे बेल्जियम फुटबॉल के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है।