नाना पाटेकर के निधन से शोक में डूबा देश, PM मोदी समेत अक्षय कुमार और रितेश देशमुख ने दी भावुक श्रद्धांजलि
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। कला, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े इस महान व्यक्तित्व के जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि नाना पाटेकर न केवल एक असाधारण प्रतिभा के धनी अभिनेता थे, बल्कि उन्होंने समाज सेवा और किसान कल्याण के क्षेत्र में भी अद्वितीय मिसाल कायम की थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सिनेमाई पर्दे पर उनके सशक्त किरदारों ने पीढ़ियों को प्रेरित किया, जबकि 'नाम फाउंडेशन' के माध्यम से संकटग्रस्त अन्नदाताओं के आंसू पोंछने का उनका काम हमेशा याद रखा जाएगा। उनका जाना भारतीय सांस्कृतिक और सामाजिक जगत के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।
अक्षय कुमार और रितेश देशमुख ने साझा किए पुराने संस्मरण, नम हुईं आंखें
बॉलीवुड में नाना पाटेकर के साथ काम कर चुके उनके साथी कलाकारों ने बेहद भावुक अंदाज में उन्हें याद किया। अभिनेता अक्षय कुमार, जिन्होंने 'वेलकम' जैसी यादगार फिल्म में उनके साथ स्क्रीन साझा की थी, ने गहरा दुख जताते हुए लिखा कि इंडस्ट्री ने अपना सबसे बेबाक और सच्चा सितारा खो दिया है। अक्षय ने कहा कि नाना जी के साथ काम करना सिर्फ एक्टिंग नहीं, बल्कि जीवन की ईमानदारी सीखने जैसा अनुभव था। उनका यूं चले जाना व्यक्तिगत रूप से एक बड़े भाई और मार्गदर्शक को खोने जैसा है।
मराठी और हिंदी सिनेमा में उनके करीबी रहे अभिनेता रितेश देशमुख ने भी अत्यंत भावुक श्रद्धांजलि दी। रितेश ने लिखा कि नाना पाटेकर सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की मिट्टी की धड़कन थे। उन्होंने जिस सादगी और निडरता के साथ जीवन जिया, वह हर इंसान के लिए एक सीख है। रितेश ने कहा कि थिएटर से लेकर बड़े पर्दे तक और खेतों से लेकर राहत शिविरों तक, नाना जी का कद हमेशा हिमालय जैसा ऊंचा रहेगा।
कला और राजनीति के दिग्गजों ने किया नमन, सादगी और निस्वार्थ सेवा को किया याद
नाना पाटेकर के निधन पर न केवल बॉलीवुड, बल्कि देश के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों से भी संवेदनाओं का तांता लग गया। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं और साथी कलाकारों ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से उन्हें नमन किया। सभी ने एक सुर में कहा कि नाना पाटेकर उन दुर्लभ कलाकारों में से थे, जिन्होंने अपार शोहरत और दौलत हासिल करने के बावजूद कभी अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा।
अपनी धारदार आवाज, बेजोड़ संवाद अदायगी और निस्वार्थ समाज सेवा के जरिए करोड़ों दिलों में जगह बनाने वाले नाना पाटेकर भले ही दुनिया को अलविदा कह गए हों, लेकिन उनकी कालजयी फिल्में और संकट में घिरे किसानों के लिए किए गए उनके भगीरथ प्रयास आने वाली पीढ़ियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे।