Modi's diplomatic activism in G7 ब्रिटिश प्रधानमंत्री सुनक और लेबर नेता स्टार्मर से अहम मुलाकातें
India News Live,Digital Desk : इटली में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक व्यस्तता अपने चरम पर है। दुनिया के दिग्गज नेताओं के साथ मुलाकातों के इस सिलसिले में, आज भारतीय प्रधानमंत्री की नज़र खास तौर पर ब्रिटेन पर है। वे न केवल अपने ब्रिटिश समकक्ष ऋषि सुनक से मिलेंगे, बल्कि विपक्ष के महत्वपूर्ण नेता और लेबर पार्टी के मुखिया कीर स्टार्मर से भी उनकी बातचीत होगी।
यह मौका इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद, यह पीएम मोदी की पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर मौजूदगी है। इस शिखर सम्मेलन के 'आउटरीच' सत्रों में भारत को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर बुलाया गया है, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
ऋषि सुनक से मुलाकात: संबंधों को नई उड़ान देने की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ मुलाकात पर सबकी निगाहें टिकी हैं। ये दोनों नेता पहले भी कई बार मिल चुके हैं और एक-दूसरे से अच्छे संबंध साझा करते हैं। इस बैठक का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के बीच "व्यापक रणनीतिक साझेदारी" को और मज़बूत करना होगा। बातचीत में कई अहम मुद्दे शामिल होंगे, जैसे कि बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर प्रगति, रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना, व्यापार, प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ाना। उम्मीद है कि यह बैठक भारत-ब्रिटेन संबंधों को एक नई दिशा देगी।
कीर स्टार्मर से भेंट: भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं पर चर्चा
वहीं, लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर से पीएम मोदी की मुलाकात भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। ब्रिटेन में अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं और स्टार्मर की पार्टी चुनाव जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। ऐसे में, विपक्ष के नेता से मुलाकात करके पीएम मोदी भारत-ब्रिटेन संबंधों के भविष्य की रूपरेखा पर भी चर्चा करेंगे। इस बातचीत में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिकों और भारतवंशी समुदाय के मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है, जो ब्रिटेन की राजनीति में एक अहम भूमिका निभाते हैं।
इन मुलाकातों से पहले, पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से भी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत की थी। कुल मिलाकर, G7 में प्रधानमंत्री मोदी की यह कूटनीतिक सक्रियता विश्व मंच पर भारत की बढ़ती साख और उसकी वैश्विक भागीदारी के संकल्प को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।