पाकिस्तानी एक्ट्रेस संग फिल्म प्रमोट करने पर दिलजीत दोसांझ पर भड़के मीका सिंह
बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के दो दिग्गज कलाकारों के बीच का तनाव अब खुलकर सोशल मीडिया और पब्लिक फोरम पर आ चुका है। मशहूर सिंगर मीका सिंह ने ग्लोबल स्तर पर अपनी पहचान बना चुके पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ पर बेहद कड़े शब्दों में हमला बोला है। पूरा मामला दिलजीत द्वारा पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम करने, उनकी फिल्मों के प्रचार-प्रसार और भारतीय देशभक्ति से जुड़ी ऐतिहासिक फ्रेंचाइजी 'बॉर्डर 2' को लेकर उनके रुख से जुड़ा हुआ है। मीका सिंह का कहना है कि जब देश की बात आती है, तो कलाकारों को अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट रखना चाहिए, न कि सिर्फ अपने व्यावसायिक फायदे को देखना चाहिए।
मुंबई से लेकर पंजाब के संगीत गलियारों तक यह विवाद आग की तरह फैल चुका है। मीका सिंह ने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि दिलजीत दोसांझ पाकिस्तानी एक्ट्रेस के साथ अपनी प्रोजेक्ट्स को पूरे जोर-शोर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करते हैं, लेकिन जब भारत की शान और सेना के शौर्य को दिखाने वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म 'बॉर्डर 2' की बात आती है, तो उनका रवैया वैसा नहीं दिखता जैसा एक जिम्मेदार भारतीय कलाकार का होना चाहिए। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया है और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक नई बहस छिड़ गई है।
'बॉर्डर 2' पर चुप्पी और पाकिस्तानी एक्ट्रेस के साथ प्रमोशन पर मीका का गुस्सा
मीका सिंह ने अपने हालिया बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए दिलजीत दोसांझ की कार्यशैली पर सीधा उंगली उठाई है। विवाद का मुख्य केंद्र दिलजीत की पंजाबी फिल्म 'सरदार जी 3' और पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर के साथ उनका हालिया तालमेल है। पिछले कुछ समय से दिलजीत के विदेशी कॉन्सर्ट्स और प्रोजेक्ट्स में पाकिस्तानी कलाकारों की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है। लंदन और कनाडा में दिलजीत के शोज़ के दौरान हानिया आमिर की मौजूदगी और दोनों के बीच की जुगलबंदी ने भारतीय दर्शकों के एक बड़े वर्ग का ध्यान खींचा था।
मीका सिंह ने इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव किसी से छिपा नहीं है, तब सीमा पार के कलाकारों के साथ मंच साझा करना और उनके प्रोजेक्ट्स को हाइप देना कहां तक जायज है। मीका का आरोप है कि दिलजीत विदेशी धरती पर बैठकर पाकिस्तानी कलाकारों को प्रमोट कर रहे हैं, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पॉपुलैरिटी और पीआर का फायदा मिलता है, लेकिन अपनी मिट्टी और घरेलू दर्शकों की भावनाओं की उन्हें कोई परवाह नहीं है।
देशभक्ति वाली फिल्म 'बॉर्डर 2' को लेकर क्यों खड़े हुए सवाल
जेपी दत्ता की ऐतिहासिक फिल्म 'बॉर्डर' का सीक्वल 'बॉर्डर 2' भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। सनी देओल और वरुण धवन के साथ इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ की कास्टिंग को लेकर जबरदस्त उत्साह था। भारतीय दर्शकों के लिए 'बॉर्डर' सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि 1971 के युद्ध के शहीदों और भारतीय सेना के अदम्य साहस का प्रतीक है।
मीका सिंह का तर्क है कि दिलजीत को जिस स्तर पर 'बॉर्डर 2' जैसी राष्ट्रीय महत्व की फिल्म को आगे बढ़ाना चाहिए था, वह उनके रवैये में नदारद दिखा। मीका के मुताबिक, दिलजीत अपनी अन्य कॉमर्शियल और विदेशी फिल्मों के लिए दिन-रात प्रमोशन करते हैं, सोशल मीडिया पर रील्स और वीडियोज की झड़ी लगा देते हैं, लेकिन 'बॉर्डर 2' के आधिकारिक ऐलान या उससे जुड़ी चर्चाओं पर उनकी तरफ से वह गर्मजोशी नहीं दिखी। मीका ने तंज कसते हुए कहा कि जिस देश ने दिलजीत को इतना प्यार, शोहरत और मुकाम दिया, उसी देश की वीर गाथा पर बन रही फिल्म के लिए उनका यह ठंडा रुख हैरान करने वाला है।
दिलजीत दोसांझ के दिल-लुमिनाटी टूर और विवादों का पुराना नाता
दिलजीत दोसांझ इस समय अपने 'दिल-लुमिनाटी' (Dil-Luminati) वर्ल्ड टूर के जरिए दुनिया भर में इतिहास रच रहे हैं। भारत के दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़, लखनऊ, जयपुर जैसे शहरों से लेकर अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के बड़े स्टेडियम्स तक उनके शोज़ हाउसफुल जा रहे हैं। हालांकि, इस भारी सफलता के साथ विवाद भी लगातार उनके साथ चल रहे हैं।
विदेशी टूर के दौरान जब दिलजीत ने पाकिस्तानी दर्शकों और कलाकारों के लिए प्यार जताया, तो भारत में राष्ट्रवादियों और कई इंडस्ट्री हस्तियों ने इस पर ऐतराज जताया था। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भारतीय कलाकारों को पाकिस्तानी टैलेंट के साथ किसी भी मंच पर काम करने से बचना चाहिए। इसके बावजूद दिलजीत का विदेशी जमीन पर ऐसा रुख मीका सिंह को रास नहीं आया और उन्होंने इसे दोहरा मापदंड करार दिया।
मीका सिंह की दो टूक: देश पहले, बाद में बाकी सब
मीका सिंह अपने बेबाक और आक्रामक बयानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इस मामले में स्पष्ट किया कि उन्हें दिलजीत की व्यक्तिगत सफलता से कोई जलन नहीं है, लेकिन देशप्रेम के मुद्दे पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मीका ने कहा कि पंजाबी इंडस्ट्री को पूरे विश्व में पहचान दिलाने का काम कई बड़े गायकों ने किया है, लेकिन कोई भी अपनी जड़ों और देश की गरिमा को नहीं भूलता।
मीका के इस रुख का सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि जब सीमा पर हमारे जवान लगातार चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तब बॉलीवुड और पंजाबी स्टार्स को पाकिस्तानी सेलेब्रिटीज को मुख्यधारा में शामिल करने से बचना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, दिलजीत के फैंस का कहना है कि संगीत और कला की कोई सीमा नहीं होती और दिलजीत केवल कला के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। दिलजीत समर्थकों का यह भी कहना है कि 'बॉर्डर 2' की शूटिंग और शेड्यूल को लेकर अभी लंबा समय बाकी है, इसलिए अभी से उनके प्रमोशन पर सवाल उठाना गलत और पब्लिसिटी स्टंट है।
क्या बॉलीवुड में फिर गहराएगा इंडो-पाक कलाकारों पर प्रतिबंध का मुद्दा
यह विवाद केवल दो गायकों की जुबानी जंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर भारतीय फिल्म उद्योग की उस पुरानी नीति से जुड़ा है जो 2016 के उरी हमले और 2019 के पुलवामा हमले के बाद तय की गई थी। उस दौरान भारतीय सिनेमा में पाकिस्तानी कलाकारों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठी थी, जिसका असर फवाद खान, माहिरा खान और आतिफ असलम जैसे कलाकारों के करियर पर पड़ा था।
अब जब दिलजीत दोसांझ जैसे ए-लिस्ट स्टार्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तानी कलाकारों के साथ नजर आ रहे हैं, तो यह सवाल फिर से खड़ा हो गया है कि क्या विदेशी धरती पर काम करके भारतीय नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। मीका सिंह द्वारा उठाया गया यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब 'बॉर्डर 2' की शूटिंग की रफ्तार बढ़ेगी और दिलजीत की नई पंजाबी फिल्मों की रिलीज की तारीखें नजदीक आएंगी। फिलहाल दिलजीत दोसांझ की तरफ से मीका सिंह के इन आरोपों पर कोई सीधा आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन फैंस और फिल्म समीक्षक दोनों ही इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।