मीना कुमारी की बायोपिक की स्क्रिप्ट तैयार; डायरी के 2000 पन्नों और 500 लव लेटर्स से बाहर आएगी 'ट्रैजेडी क्वीन' की अनसुनी दास्तान
बॉलीवुड इतिहास की सबसे खूबसूरत और दर्दभरी दास्तानों में से एक, 'ट्रैजेडी क्वीन' मीना कुमारी की जिंदगी अब बहुत जल्द बड़े पर्दे पर सजीव होने जा रही है। लंबे समय से ठंडे बस्ते में नजर आ रही इस बायोपिक को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। मशहूर फिल्ममेकर सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। इस फिल्म का नाम 'कमाल और मीना' तय किया गया है, जो बॉलीवुड की अन्य पारंपरिक बायोपिक्स से बिल्कुल जुदा और बेहद प्रामाणिक होने वाली है।
2000 डायरी के पन्ने और 500 लव लेटर्स खोलेंगे राज
इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसकी कहानी किसी सुनी-सुनाई बात या कयासों पर आधारित नहीं है। निर्देशक सिद्धार्थ मल्होत्रा ने एक इंटरव्यू में बताया, "खुशकिस्मती से हमारे पास मीना कुमारी और कमाल अमरोही के अपने हाथों से लिखे गए असली लव लेटर्स और डायरियां मौजूद थीं। यह पूरी स्क्रिप्ट उनके 500 प्रेम पत्रों और डायरी के करीब 2000 पन्नों के नोट्स पर बेस्ड है। एक तरह से उन्होंने खुद अपने ही शब्दों में हमें बता दिया कि पर्दे पर क्या और कैसे लिखना है।" आपको बता दें कि ये सभी लेटर्स और नोट्स मूल रूप से उर्दू भाषा में थे, जिन्हें स्क्रिप्टिंग के लिए हिंदी और इंग्लिश में ट्रांसलेट कराया गया है।
साल के अंत तक शुरू होगी शूटिंग, क्या कियारा आडवाणी बनेंगी मीना कुमारी?
मेकर्स ने साफ किया है कि लेखन का काम पूरा होने के बाद अब सबसे बड़ा काम स्टारकास्ट को फाइनल करना है। फिल्म जगत के गलियारों में चर्चा है कि मीना कुमारी के आइकॉनिक किरदार को निभाने के लिए कियारा आडवाणी का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि, डायरेक्टर सिद्धार्थ ने इस पर सस्पेंस बरकरार रखते हुए कहा, "जब तक चीजें कागजों पर फाइनल नहीं हो जातीं, तब तक कुछ भी पक्का नहीं कहा जा सकता। हम फिलहाल कास्टिंग प्रोसेस में हैं और उम्मीद है कि इस साल के आखिरी महीनों तक फिल्म फ्लोर पर आ जाएगी (शूटिंग शुरू हो जाएगी)।"
1950 से 1970 का दौर और 'पाकीजा' के अनरिलीज्ड गाने
सूत्रों की मानें तो फिल्म की कहानी साल 1950 से लेकर 1970 के उस दौर को दिखाएगी, जब मीना कुमारी और कमाल अमरोही का इश्क परवान चढ़ा और फिर उनके रिश्तों में उलझनें पैदा होने लगीं। इस फिल्म में मीना कुमारी की बेहद दर्दनाक और अधूरी प्रेम कहानी को बेहद संजीदगी से उकेरा जाएगा। चर्चा तो यह भी है कि इस फिल्म में कमाल अमरोही की कालजयी फिल्म 'पाकीजा' के कुछ ऐसे अनरिलीज्ड गाने (जो कभी रिलीज नहीं हुए) भी शामिल किए जा सकते हैं, जो दर्शकों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं होंगे।
अकेलेपन और शराब की लत ने छीन ली थी महज 38 साल की उम्र में जान
मीना कुमारी का जीवन जितना सुनहरी स्क्रीन पर चमकता था, असल जिंदगी में उतना ही अंधेरा था। वह अपने जीवन के आखिरी सालों में भयंकर अकेलेपन और डिप्रेशन (अवसाद) से जूझ रही थीं। इस गम को भुलाने के लिए उन्हें शराब की ऐसी लत लगी कि उनका लिवर पूरी तरह खराब हो गया। डॉक्टरों की सख्त हिदायत के बावजूद वह छिपकर शराब पीती रहीं और आखिरकार लिवर सिरोसिस के कारण महज 38 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। साल 1972 में उनकी मास्टरपीस फिल्म 'पाकीजा' रिलीज होने के महज एक महीने बाद ही सिनेमा का यह चमकता सितारा हमेशा के लिए बुझ गया था।