मंगल का वृषभ गोचर: 21 जून से इन 4 राशियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, जानें क्यों मंगल का यह राशि परिवर्तन है चुनौतीपूर्ण
India News Live,Digital Desk : ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति मंगल का विशेष स्थान है। 21 जून 2026 को मंगल देव अपनी राशि मेष से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। वे 1 अगस्त तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे। मंगल का यह गोचर सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा, लेकिन कुछ खास राशियों के लिए यह समय विशेष सावधानी बरतने वाला है। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए मंगल का यह गोचर आर्थिक और व्यक्तिगत स्तर पर चुनौतियां लेकर आ रहा है।
मंगल गोचर: इन 4 राशियों के लिए सतर्क रहने का समय
1. मिथुन राशि (Gemini):
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर आर्थिक मोर्चे पर चिंताएं बढ़ा सकता है। इस दौरान धन संबंधी लेन-देन में विशेष सावधानी बरतें। बेफिजूल के खर्चों में अचानक बढ़ोतरी आपके बजट को बिगाड़ सकती है, जिससे मानसिक तनाव संभव है। कोई भी बड़ा आर्थिक निर्णय जल्दबाजी में न लें। साथ ही, अपने स्वभाव में लचीलापन लाएं, क्योंकि जिद्दी व्यवहार से आपको नुकसान हो सकता है।
2. तुला राशि (Libra):
तुला राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियों से भरा हो सकता है। इस दौरान किसी भी तरह के बड़े निवेश या व्यावसायिक निर्णय से बचने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करें और वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतें। विवादों से दूर रहना ही आपके लिए बेहतर होगा।
3. वृश्चिक राशि (Scorpio):
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर पारिवारिक कलह के संकेत दे रहा है। दांपत्य जीवन में जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है, इसलिए उनके विचारों और भावनाओं का सम्मान करें। पार्टनरशिप (साझेदारी) के कार्यों में भी अड़चनें आ सकती हैं। आर्थिक रूप से यह समय आपके लिए कष्टकारी रह सकता है, इसलिए धन संचय पर ध्यान दें।
4. वृषभ राशि (Taurus):
चूंकि मंगल आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, इसलिए आपको स्वास्थ्य के प्रति बेहद सतर्क रहना होगा। सिरदर्द, आंखों से जुड़ी समस्याएं या अनिद्रा की परेशानी हो सकती है। अपनी वाणी पर कठोर नियंत्रण रखें, अन्यथा अपनों से व्यर्थ का विवाद हो सकता है। रिश्तों में गलतफहमियों से बचने के लिए बातचीत में स्पष्टता रखें।
मंगल के अशुभ प्रभाव से बचने के सरल उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल देव को प्रसन्न करने और उनके अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए हनुमान जी की आराधना सबसे उत्तम उपाय है:
हनुमान चालीसा का पाठ: हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें।
भोग लगाएं: मंगलवार के दिन हनुमान जी को बेसन के लड्डू या बूंदी का भोग लगाकर उसे प्रसाद के रूप में वितरित करें।
व्रत: मंगल देव की कृपा पाने के लिए मंगलवार का व्रत रखना अत्यंत फलदायी माना गया है।