मार्क जुकरबर्ग की नई रणनीति: फेसबुक, इंस्टाग्राम और वाट्सऐप पर 'पेड सर्विस' का ऐलान, क्या रैंकिंग में वापसी करा पाएंगे 'प्लस' फीचर्स?
India News Live,Digital Desk : अरबपतियों की वैश्विक रैंकिंग में पिछड़ने के बाद मेटा (Meta) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग अपनी कंपनी की कमाई बढ़ाने के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आए हैं। मेटा ने अब फेसबुक, इंस्टाग्राम और वाट्सऐप के लिए 'पेड सब्सक्रिप्शन' फीचर्स—फेसबुक प्लस, इंस्टाग्राम प्लस और वाट्सऐप प्लस—लॉन्च करने का ऐलान किया है।
क्या है मेटा का नया प्लान?
मेटा का कहना है कि वर्तमान में चल रहे मुफ्त अकाउंट पहले की तरह ही काम करते रहेंगे, लेकिन कुछ विशिष्ट और एडवांस्ड फीचर्स के लिए यूजर्स को भुगतान करना होगा। हालांकि यह सेवा अभी चुनिंदा बाजारों में शुरू की जाएगी, लेकिन इसकी कीमत का खाका पहले ही स्पष्ट कर दिया गया है:
फेसबुक और इंस्टाग्राम प्लस: लगभग 3.99 अमेरिकी डॉलर (तकरीबन 378 रुपये) प्रति माह।
वाट्सऐप प्लस: लगभग 2.99 अमेरिकी डॉलर (तकरीबन 283 रुपये) प्रति माह।
भारत में इन सेवाओं के आने में अभी समय लग सकता है, लेकिन यह मेटा की रणनीति में एक बड़ा बदलाव है।
रैंकिंग की दौड़: क्यों बेचैन हैं जुकरबर्ग?
मार्क जुकरबर्ग 2025 में अरबपतियों की सूची में दूसरे स्थान पर थे, लेकिन 2026 में वे गिरकर पांचवें नंबर पर आ गए हैं। हालांकि उनकी संपत्ति 216 अरब डॉलर से बढ़कर 222 अरब डॉलर हुई है, लेकिन एलन मस्क, लैरी पेज, सर्गेई ब्रिन और जेफ बेजोस उनसे आगे निकल गए हैं।
एलन मस्क: 839 अरब डॉलर के साथ शीर्ष पर।
लैरी पेज: 257 अरब डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर।
सर्गेई ब्रिन: 237 अरब डॉलर के साथ तीसरे नंबर पर।
जेफ बेजोस: 224 अरब डॉलर के साथ चौथे नंबर पर।
भारत: मेटा का सबसे बड़ा यूजरबेस
मेटा के लिए भारत सबसे महत्वपूर्ण बाजार है। फेसबुक के भारत में 58 करोड़, वाट्सऐप के 85 करोड़ और इंस्टाग्राम के 53 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। जुकरबर्ग के लिए इस विशाल यूजरबेस से कमाई बढ़ाना अब प्राथमिकता बन गई है। कंपनी की पहली तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा का अधिकांश राजस्व (लगभग 5500 करोड़ डॉलर) विज्ञापनों से आता है। पेड सर्विस शुरू होने से कंपनी का मुनाफा और शेयर बाजार में उसकी स्थिति और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
क्या पेड सर्विस से मिलेगी रैंकिंग में वापसी?
जुकरबर्ग का लक्ष्य केवल मुनाफा बढ़ाना नहीं, बल्कि कंपनी की वित्तीय स्थिति को इतना मजबूत करना है कि वे अगले साल की अरबपति सूची में अपनी पुरानी स्थिति हासिल कर सकें। फिलहाल विज्ञापन आधारित मॉडल के साथ-साथ 'सब्सक्रिप्शन मॉडल' को जोड़ना, उनके पास अपनी नेटवर्थ को तेजी से बढ़ाने का सबसे प्रभावी रास्ता है।