चित्रकूट में मंदाकिनी ने दिखाया रौद्र रूप! जलस्तर खतरे के निशान के करीब, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में स्थित मंदाकिनी नदी, जो अपने धार्मिक महत्व और शांत बहती धारा के लिए जानी जाती है, इन दिनों अपने भयावह रूप में आ चुकी है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मध्य प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हो रहे भारी बरसाव के कारण मंदाकिनी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुकी है, जिसने चित्रकूट के निचले और रिहायशी इलाकों में बाढ़ की गंभीर आशंका पैदा कर दी है।
मंदाकिनी नदी का पवित्र रामघाट, जो आम दिनों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों से गुलजार रहता है, इस वक्त पूरी तरह पानी में समा चुका है। घाट के किनारे लगने वाली सभी दुकानें और मंदिर परिसरों की ओर जाने वाले रास्ते भी जलमग्न हो चुके हैं, जिसके कारण दुकानदारों को अपना सारा सामान सुरक्षित जगहों पर हटाना पड़ा है। लोगों के आवागमन पर भी बुरा असर पड़ा है और कई रास्ते बंद हो गए हैं।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर:
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीमों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन द्वारा नदी के जलस्तर पर 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जा रही है, और किसी भी बचाव कार्य के लिए जरूरी उपकरण व नावों को तैयार रखा गया है। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय का आपातकालीन कक्ष भी लगातार सक्रिय है।
सावधानी बरतने की अपील:
जिला प्रशासन ने आम जनता और चित्रकूट दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित या जलमग्न क्षेत्रों की ओर बिल्कुल न जाएं। नदी किनारे अनावश्यक भीड़ न लगाएं और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। जलस्तर को देखते हुए, नदी में स्नान करने या उसके करीब जाने की सलाह बिल्कुल नहीं दी जा रही है। 2021 में भी मंदाकिनी नदी का जलस्तर काफी बढ़ा था, और ऐसी ही स्थिति एक बार फिर स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।