हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान मर्डर केस में बड़ा एक्शन: गोगी गैंग के फरार शूटरों सत्यम और आर्यन पर 1-1 लाख का इनाम घोषित
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी छोर पर स्थित शामली जिले की धरती उस वक्त गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी, जब मशहूर हरियाणवी गायक अंकित बालियान को दिनदहाड़े मौत के घाट उतार दिया गया। संगीत की दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहे अंकित बालियान जब शामली में अपनी नियमित दिनचर्या के तहत जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे हथियारबंद हमलावरों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। बिना किसी चेतावनी के हमलावरों ने आधुनिक स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, अंकित के शरीर में पांच गोलियां उतारी गई थीं, जिनमें से दो सीधे उनके सिर में लगी थीं। इस खौफनाक और बर्बर वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
हत्याकांड के चंद घंटों के भीतर ही सोशल मीडिया पर कुख्यात जितेंद्र गोगी गैंग के नाम से एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें इस जघन्य हत्याकांड की जिम्मेदारी ली गई। दावा किया गया कि अंकित बालियान ने दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में मारे गए गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या से मिलती-जुलती थीम पर एक गाना बनाया था, जिसे लेकर गिरोह के गुर्गे उनसे रंजिश रख रहे थे। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को कातिलों का पाताल से भी खोज निकालने के कड़े निर्देश जारी किए।
दो शूटरों के एनकाउंटर के बाद अब बाकी दो पर 1-1 लाख का इनाम: सत्यम और आर्यन की तलाश में अलर्ट
हत्याकांड के बाद शामली पुलिस और यूपी एसटीएफ ने अपराधियों के सफाए के लिए चौतरफा जाल बिछाया। घटना के कुछ ही दिनों बाद शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र के मन्ना मादरा पुल और औद्योगिक इलाके के पास पुलिस की बदमाशों से सीधी मुठभेड़ हो गई। इस भीषण एनकाउंटर में अंकित बालियान पर गोलियां बरसाने वाले दो मुख्य शूटर सुमित और मोहित पुलिस की जवाबी गोलीबारी में ढेर हो गए। मारे गए दोनों शूटर हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले थे और उनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद हुए थे।
हालांकि, इस हत्याकांड में शामिल दो अन्य शूटर वारदात के बाद से ही लगातार फरार चल रहे हैं। पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से इन दोनों फरार शूटरों की शिनाख्त सत्यम कादियान और आर्यन सिंधू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को शीर्ष प्राथमिकता बनाते हुए शामली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नरेंद्र प्रताप सिंह की संस्तुति पर पुलिस महानिदेशालय ने दोनों पर घोषित इनामी राशि को 50-50 हजार से बढ़ाकर सीधे 1-1 लाख रुपये कर दिया है। पुलिस ने इनकी तस्वीरें टोल प्लाजा, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर चस्पा करा दी हैं और जनता से अपील की है कि इनके बारे में कोई भी गोपनीय सूचना देने वाले को तुरंत एक लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
यूपी, हरियाणा से लेकर दिल्ली-पंजाब तक एसटीएफ की रेड: 5 राज्यों में छिपे हो सकते हैं शूटर
सत्यम कादियान और आर्यन सिंधू की धरपकड़ के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस, मेरठ एसटीएफ और शामली पुलिस की पांच से अधिक विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जांच एजेंसियों को इनपुट मिला है कि वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर दिल्ली-एनसीआर के रास्ते हरियाणा, राजस्थान या पंजाब के किसी गुप्त ठिकाने में पनाह ले चुके हैं। पुलिस टीमों ने करनाल में दोनों आरोपियों के पैतृक आवासों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों के परिजन और नजदीकी रिश्तेदार घरों पर ताला लगाकर फरार पाए गए।
जांच का दायरा केवल शूटरों तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को खंगाला जा रहा है जिसने इस हत्याकांड को अंजाम देने में मदद की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच में रेकी करने वाले स्थानीय मुखबिरों, फर्जी आईडी पर सिम कार्ड मुहैया कराने वाले दुकानदारों और शूटरों की बाइकों में जीपीएस सिस्टम व हथियार उपलब्ध कराने वाले मददगारों की पहचान कर ली गई है। दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के संभावित ठिकानों पर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मोबाइल टावर डेटा डंप के जरिए लगातार ट्रैकिंग की जा रही है। जांच अधिकारियों का साफ कहना है कि शूटरों को शरण देने या आर्थिक मदद पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
करनाल जेल में बंद गैंगस्टर राकेश पंपू का नाम: सलाखों के पीछे से कैसे बुना गया खूनी जाल?
अंकित बालियान हत्याकांड की कड़ियां जैसे-जैसे जुड़ रही हैं, अंडरवर्ल्ड और जेल से संचालित होने वाले अपराध सिंडिकेट का बेहद चौंकाने वाला चेहरा सामने आ रहा है। पुलिस जांच में पानीपत के सिवाह गांव के रहने वाले गैंगस्टर राकेश कादियान उर्फ पंपू का नाम मुख्य षड्यंत्रकारी के रूप में उभरा है। राकेश पंपू इस समय हरियाणा की करनाल जिला जेल में बंद है, और आरोप है कि उसने जेल की सलाखों के पीछे से ही मोबाइल या मुलाकातों के जरिए इस पूरी खूनी साजिश का ताना-बाना बुना था।
राकेश पंपू कोई साधारण अपराधी नहीं है। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) में ग्रेजुएट होने के बावजूद उसने 22 साल की उम्र में जुर्म की राह चुनी और 2015 में अपने ही गांव के सरपंच के परिवार में दोहरा कत्ल कर अपराध की दुनिया में खलबली मचा दी थी। इसके बाद उसने नेशनल कबड्डी प्लेयर की हत्या, रंगदारी और कुख्यात गैंगवार में दर्जनों वारदातों को अंजाम देकर अपनी खुद की 'पंपू गैंग' खड़ी कर ली। शामली पुलिस के अनुसार, जेल में बंद राकेश पंपू ने ही गोगी गैंग के सिंडिकेट से संपर्क साधकर इन नौजवान शूटरों को हथियार और पैसे का इंतजाम कराया था। यूपी पुलिस अब कोर्ट से वारंट-बी हासिल कर राकेश पंपू को करनाल जेल से कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि यह राजफाश हो सके कि इस कत्ल के लिए फंडिंग कहां से आई थी और हथियार किस रूट से शामली पहुंचाए गए थे।
'अभी काम पूरा नहीं हुआ, पूरे गैंग का हो खात्मा': परिजनों का दर्द और सियासी तपिश
इस हत्याकांड के बाद शामली के बंतीखेड़ा गांव में स्थित अंकित बालियान के घर पर मातम और आक्रोश का माहौल है। परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अंकित के पिता सतबीर बालियान, जो खुद भारतीय सेना में रहकर देश की सेवा कर चुके हैं, उन्होंने दो शूटरों के एनकाउंटर पर पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार तो जताया, लेकिन इसे केवल 'आधा इंसाफ' करार दिया। सतबीर सिंह ने बेहद भावुक शब्दों में कहा कि जब तक उनके बेटे की हत्या में शामिल चारों शूटर और जेल से साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड अपने अंजाम तक नहीं पहुंचते, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
अंकित की पत्नी सीमा (स्वाति) और मां ने भी हाथ जोड़कर सरकार से गुहार लगाई है कि अंकित ही पूरे परिवार का एकमात्र सहारा और कमाने वाला सदस्य था। परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और अंकित की याद में गांव में एक खेल स्टेडियम व प्रतिमा स्थापित करने की मांग रखी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी तथा उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल देव अग्रवाल पीड़ित परिवार से मिलने उनके गांव पहुंचे। नेताओं ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मानकर काम कर रही है और किसी भी दोषी को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा।
पश्चिमी यूपी और हरियाणा में गैंगवार का फैलता जहर: अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की परीक्षा
अंकित बालियान की हत्या ने एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय अंतरराज्यीय गैंगवार और भाड़े के शूटरों के खतरनाक नेटवर्क को सतह पर ला दिया है। दिल्ली-एनसीआर से सटे शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, सोनीपत और पानीपत जैसे जिलों में आपराधिक गिरोह सोशल मीडिया के जरिए कम उम्र के भटके हुए लड़कों को रील्स और हथियारों का लालच देकर अपनी गैंग में शामिल कर रहे हैं। इन युवाओं को मामूली रकम या झूठी 'गैंगस्टर शोहरत' का झांसा देकर सुपारी किलिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले डेढ़ वर्षों में शामली और आसपास के जिलों में अपराधियों के खिलाफ जबर्दस्त अभियान चला रखा है, जिसके तहत दर्जनों इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं। लेकिन सत्यम और आर्यन जैसे शातिर शूटरों का अब तक कानून की पहुंच से बाहर रहना पुलिस के लिए एक खुली चुनौती बना हुआ है। एक-एक लाख रुपये के इनाम और पांच राज्यों में जारी सघन सर्च ऑपरेशन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां अब कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। कानून के रखवालों की यह ताबड़तोड़ दबिश तब तक नहीं थमेगी जब तक अंकित बालियान के कातिल या तो सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाते या फिर कानून के सामने घुटने नहीं टेक देते।