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October 28 2026 03:54 am

त्रिवेणी देवबंद यूनिट के स्कूली छात्रों ने राज्य-स्तरीय एथलेटिक्स और कुश्ती प्रतियोगिताओं में किया शानदार प्रदर्शन

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त्रिवेणी देवबंद यूनिट के स्कूली छात्रों ने 
राज्य-स्तरीय एथलेटिक्स और कुश्ती प्रतियोगिताओं में किया शानदार प्रदर्शन

 

सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, -- 27 अक्टूबर 2026: त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा संचालित, लाला पूरन चंद साहनी मेमोरियल इंटर कॉलेज, देवबंद, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) अपने दो छात्रों को राज्य-स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में मिली शानदार उपलब्धियों का जश्न मना रहा है।

कक्षा 12 के छात्र निखिल ने बरेली में आयोजित राज्य-स्तरीय एथलेटिक्स टूर्नामेंट की अंडर-19 कैटेगरी में 1,500 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक जीता। वहीं, कक्षा 9 के छात्र अनुज कुमार ने देवरिया में आयोजित राज्य-स्तरीय बालक प्रतियोगिता की अंडर-17 कुश्ती स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया। ये उपलब्धियां स्कूल, उनके परिवारों और पूरे देवबंद समुदाय के लिए गर्व की बात हैं। ये छात्रों के दृढ़ संकल्प को दर्शाती हैं और साथ ही इस बात की पुष्टि भी करती हैं कि शैक्षणिक विकास के साथ-साथ खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करना कितना महत्वपूर्ण है।

सहारनपुर के गांव गुनारसी के रहने वाले निखिल एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता, श्री जोगेंद्र, साइकिल मरम्मत का काम करते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं और उनके बड़े भाई पढ़ाई कर रहे हैं। आर्थिक तंगी और प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स के लिए जरूरी पोषण और प्रशिक्षण के खर्चों को जुटाने की चुनौतियों के बावजूद, निखिल ने अपनी पढ़ाई और 1,500 मीटर, 3,000 मीटर तथा 5,000 मीटर दौड़ में बेहतरीन प्रदर्शन करने के अपने लक्ष्य के बीच तालमेल बनाए रखा। 

अपनी इस उपलब्धि के बारे में बात करते हुए निखिल ने कहा, “यह मेरे और मेरे स्कूल के लिए गर्व का क्षण है। मैं विशेष रूप से देवबंद फैक्ट्री स्कूल और अपने कोच के प्रति आभारी हूँ, जिन्होंने मुझे लगातार सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया। उन्होंने मुझे अनुशासन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद की और यह भी सुनिश्चित किया कि मेरी पढ़ाई पर कोई असर न पड़े। इस उपलब्धि ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया है और मुझे एथलेटिक्स तथा पढ़ाई, दोनों क्षेत्रों में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया है।

दूसरी ओर, कक्षा 9 के छात्र अनुज कुमार, जो सहारनपुर जिले के नागल ब्लॉक के तासीपुर गाँव के रहने वाले हैं, ने कुश्ती के प्रति अद्भुत लगन दिखाई है। वह 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में हिस्सा लेने वाले राज्य-स्तरीय पहलवान हैं। अनुज के खेल की यात्रा पारिवारिक और आर्थिक चुनौतियों से भरी रही है। उनके पिता, श्री श्यामलाल, अक्सर बीमार रहते हैं और नियमित रूप से काम नहीं कर पाते, जबकि उनकी माँ एक गृहिणी हैं। उनके बड़े भाई परिवार का खर्च चलाने के लिए दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। परिवार के सीमित आर्थिक संसाधनों को देखते हुए, कुश्ती के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए ज़रूरी पौष्टिक आहार का इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती थी। इन कठिनाइयों के बावजूद, उन्होंने पहलवान बनने का अपना सपना नहीं छोड़ा और अपने स्कूल तथा परिवार का नाम रोशन किया। 

अपनी उपलब्धि पर बात करते हुए अनुज कुमार ने कहा, “कुश्ती ने मुझे अनुशासन, धैर्य और लगातार कोशिश करने का महत्व सिखाया है। मैं अपने स्कूल और कोच के प्रति आभारी हूँ, जिन्होंने मेरी पढ़ाई जारी रखने में मदद करते हुए मेरे प्रशिक्षण में भी सहयोग दिया। मैं पूरी लगन के साथ अपना प्रशिक्षण जारी रखूँगा और उम्मीद करता हूँ कि अपने स्कूल और परिवार के लिए आगे और भी बड़ी सफलता हासिल करूँगा।” 

 

इन उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, तरुण साहनी ने कहा, “निखिल और अनुज कुमार ने राज्य स्तर पर अपने प्रदर्शन से अपने स्कूल का मान बढ़ाया है। उनकी उपलब्धियां उस अनुशासन, सहनशक्ति और दृढ़ संकल्प को दर्शाती हैं जो खेल, युवाओं में विकसित करते हैं। हमें विशेष रूप से तब खुशी होती है, जब हमारी युनिट्स के आसपास के समुदायों के छात्रों को अपनी क्षमताओं को निखारने के लिए आत्मविश्वास और समर्थन मिलता है। त्रिवेणी में, हमारा मानना है कि शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को सर्वांगीण विकास के अवसर भी प्रदान करने चाहिए। हम छात्रों को कक्षा में, खेल के मैदान में और जीवन में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करना जारी रखेंगे।”

वर्तमान में त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा समर्थित, देवबंद स्थित लाला पूरन चंद साहनी मेमोरियल इंटर कॉलेज में 410 छात्र नामांकित हैं। यह स्कूल विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि वाले बच्चों को शिक्षा प्रदान करता है और उन्हें एथलेटिक्स, फुटबॉल, कुश्ती, कबड्डी और पावरलिफ्टिंग जैसी पाठ्येतर गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। निखिल और अनुज कुमार की उपलब्धियां ग्रामीण समुदायों की युवा प्रतिभाओं की क्षमता को उजागर करती हैं। साथ ही, ये इस बात के महत्व को भी रेखांकित करती हैं कि छात्रों को उनकी शिक्षा के साथ-साथ खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रोत्साहन और अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। 

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