हरदोई-कन्नौज के बीच गंगा नदी पर बनेगा 289 करोड़ का महासेतु: योगी कैबिनेट की हरी झंडी
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हरदोई और कन्नौज के बीच कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। गुरुवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में हरदोई-कन्नौज सीमा पर स्थित चियासर घाट पर गंगा नदी पर पुल निर्माण के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई। 288.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल कटियारी क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा।
इस पुल के निर्माण से न केवल दो जिलों के बीच की दूरी कम होगी, बल्कि क्षेत्र के व्यापार और कृषि को भी नई गति मिलेगी।
चियासर घाट पर 'नाव' का सफर होगा खत्म
चियासर घाट (हरपालपुर के जीवनपुरवा मजरा देहलिया गांव के पास) पर अभी तक आवाजाही का एकमात्र सहारा नाव है। बरसात के मौसम में जब नदी उफान पर होती है, तो यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे लाखों की आबादी टापू में तब्दील हो जाती है। पिछले दो वर्षों से यहां पैंटून पुल की मांग की जा रही थी, लेकिन अब सरकार ने यहां पक्के पुल के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है।
विधायकों की मेहनत लाई रंग: चार लाख की आबादी को लाभ
सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू और छिबरामऊ विधायक अर्चना पांडे लंबे समय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पुल की मांग कर रहे थे।
कुल लागत: 288 करोड़ 99 लाख 22 हजार रुपये।
निर्माण का तरीका: यह पुल ईपीसी (EPC) मोड पर तैयार किया जाएगा।
सीधा फायदा: हरदोई और कन्नौज की लगभग 4 लाख की आबादी को इस पुल से सीधा लाभ मिलेगा।
80 किमी के चक्कर से मिलेगी मुक्ति, 30 किमी रह जाएगी दूरी
वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर घटने पर नदी तीन धाराओं में बंट जाती है, जिससे नाव का संचालन भी ठप हो जाता है। ऐसे में क्षेत्रीय लोगों को कन्नौज पहुंचने के लिए 30 किलोमीटर की जगह 80 किलोमीटर का लंबा चक्कर काटना पड़ता है। पुल बन जाने के बाद यह दूरी सिमटकर मात्र 30 किलोमीटर रह जाएगी।
इन बड़े शहरों से जुड़ जाएगा कटियारी क्षेत्र
पुल निर्माण के बाद हरदोई का कटियारी क्षेत्र सीधे तौर पर निम्नलिखित रूटों से जुड़ जाएगा:
राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-34): छिबरामऊ, गुरसहायगंज, कन्नौज, कानपुर और फर्रुखाबाद तक पहुंच आसान होगी।
एक्सप्रेसवे: क्षेत्र के लोग सीधे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ सकेंगे।
लाभान्वित होने वाले प्रमुख गांव
देहलिया, सुलखामऊ, जीवनपुरवा, निकामदपुर, बेहटा लाखी, मुर्चा, रामनगर, आलमपुर, पलिया, टिकार, बेडीजोर और हरपालपुर जैसे दर्जनों गांवों के निवासियों के लिए यह पुल आर्थिक और सामाजिक उन्नति का नया द्वार खोलेगा।