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September 03 2026 12:55 pm

Lucknow Outer Ring Road will be a 'lifeline' 12 नए फुट ओवर ब्रिज से जुड़ेंगे गाँव, सफर होगा आसान!

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India News Live,Digital Desk : लखनऊ के बाहरी रिंग रोड पर चलने वालों को एक तरफ तो शानदार सफर का अनुभव मिलता है, लेकिन इस विशाल सड़क ने कई गाँवों के बीच की दूरी को बढ़ा दिया था। लोगों को अपनी ही ज़मीन पर एक गाँव से दूसरे गाँव जाने के लिए लंबा घूमकर जाना पड़ता था, जो कि बेहद मुश्किल भरा था। मवेशियों और पैदल चलने वालों के लिए तो यह और भी जोखिम भरा था।

लेकिन अब इस समस्या का एक बड़ा समाधान आ रहा है! राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस 104 किलोमीटर लंबे रिंग रोड पर 12 नए फुट ओवर ब्रिज (FOBs) और कुछ अंडरपास बनाने का फैसला किया है। ये सिर्फ पुल नहीं, बल्कि गाँव वालों के लिए 'जीवनरेखा' साबित होंगे। सोचिए, जहाँ पहले मीलों का चक्कर लगाना पड़ता था, वहीं अब चंद मिनटों में लोग सड़क पार कर पाएंगे।

खासकर किसान, छात्र, और रोज़ाना काम पर जाने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत होगी। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा और सुरक्षा बढ़ेगी। NHAI ने उन सभी संवेदनशील जगहों की पहचान कर ली है, जहाँ इन पुलों की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। इनमें बख्शी का तालाब, आईआईएम रोड, कुर्सी रोड, सीतापुर रोड, फैजाबाद रोड, सुल्तानपुर रोड, रायबरेली रोड और कानपुर रोड जैसे व्यस्त इलाके शामिल हैं।

यह विशालकाय रिंग रोड लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर ज़िलों के कुल 159 गाँवों से होकर गुजरता है। इन सभी गाँवों के लोगों को अब आसानी से सड़क के पार जाने की सुविधा मिलेगी। इनमें से कुछ फुट ओवर ब्रिज और अंडरपास का निर्माण तो शुरू भी हो गया है, जबकि बाकी पर काम जल्द ही शुरू होने वाला है।

यानी, बहुत जल्द गाँवों के लोग बिना किसी परेशानी और डर के एक छोर से दूसरे छोर तक आ-जा सकेंगे। यह कदम दिखाता है कि विकास की योजनाओं में स्थानीय लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखना कितना ज़रूरी है। लखनऊ का आउटर रिंग रोड अब सिर्फ एक तेज़ रफ्तार मार्ग नहीं, बल्कि कनेक्टिविटी और सुरक्षा का भी प्रतीक बनेगा।