वाराणसी में अब मिलेगी जाम से बड़ी राहत लहारतारा बनारस स्टेशन मार्ग होगा चौड़ा, प्रशासन की तैयारी तेज
India News Live,Digital Desk : काशी के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है! वाराणसी को भीषण जाम से निजात दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। लहारतारा से बनारस स्टेशन (जो पहले मंडुवाडीह के नाम से जाना जाता था) तक का 2.14 किलोमीटर लंबा रास्ता जल्द ही 30 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जो लगभग छह लेन चौड़ाई के बराबर होगा। इस प्रोजेक्ट से शहर में रोज होने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को काफी राहत मिलेगी।
पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का एक विस्तृत प्रस्ताव (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट - DPR) सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है। अनुमान है कि इस सड़क के निर्माण और रास्ते में आने वाली बिजली-पानी की लाइनों को हटाने में करीब 67.63 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। ज़मीन अधिग्रहण की लागत इस से अलग होगी, जिसका आकलन बाद में किया जाएगा।
अभी यह रास्ता काफी संकरा है, जिससे ट्रैफिक बहुत धीरे चलता है और अक्सर लंबा जाम लग जाता है। सड़क चौड़ी होने के बाद वाहन तेजी से निकल पाएंगे, जिससे यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। इस रास्ते से शहर के अंदरूनी हिस्सों से लेकर बाहर नेशनल हाइवे तक की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
इस परियोजना में सबसे बड़ी चुनौती ज़मीन का अधिग्रहण है। लहारतारा ओवरब्रिज से बनारस स्टेशन तक के रास्ते में कई लोगों के घर और दुकानें आती हैं, साथ ही खाली ज़मीनें भी हैं, जिन्हें चौड़ीकरण के लिए लेना होगा। प्रभावित लोगों को जिला प्रशासन द्वारा तय किए गए डीएम सर्किल रेट के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। इससे पहले भी इस रोड को चौड़ा करने की कोशिशें हुईं थीं, लेकिन ज़मीन अधिग्रहण की बाधा के चलते बात नहीं बन पाई थी। इस बार प्रशासन पूरी कोशिश में है कि सारी दिक्कतें दूर करके यह काम जल्द पूरा हो।
इस सड़क के बनने से सिर्फ स्थानीय लोगों को ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से काशी विश्वनाथ दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी फायदा मिलेगा। वाहनों की लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी, जिससे शहर का मुख्य रास्ता काफी सुगम हो जाएगा। यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था सुधारेगी बल्कि वाराणसी के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके दूसरे चरण में इस सड़क को आगे ककरमत्ता तक नेशनल हाइवे-2 से जोड़ने की योजना है।