अधिकमास 2026: कब है कमला (पद्मा) एकादशी और सोमवती अमावस्या? जानें पितृ कार्यों की सही तिथि और शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्तमान में ज्येष्ठ अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) चल रहा है, जो आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस सप्ताह धार्मिक रूप से कई बड़े अवसर आ रहे हैं, जिनमें अधिकमास की दूसरी एकादशी और सोमवती अमावस्या मुख्य हैं। 15 जून को अधिकमास के समापन के साथ ही रुके हुए मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो सकेंगे। आइए जानते हैं इस सप्ताह के प्रमुख व्रत, त्योहार और उनकी सटीक तिथियां।
अधिकमास की कमला (पद्मा) एकादशी: 11 जून को रखा जाएगा व्रत
अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को 'कमला' या 'पद्मा' एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस साल यह शुभ तिथि 11 जून (गुरुवार) को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो जातक इस दिन भगवान विष्णु (श्रीहरि) की उपासना और व्रत करते हैं, उन्हें अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। एकादशी तिथि 11 जून की रात 10:37 बजे तक रहेगी। विशेष बात यह है कि इस दिन एकादशी और द्वादशी का अद्भुत संयोग बन रहा है। व्रत का पारण अगले दिन 12 जून को प्रदोष व्रत के साथ किया जाएगा।
अमावस्या का विशेष संयोग: दो दिन रहेगी तिथि, जानें कब क्या करें
इस बार अमावस्या तिथि दो दिनों तक व्याप्त रहेगी, जिससे अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग महत्व होगा:
पितृ कार्यों के लिए अमावस्या (14 जून): ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी 14 जून को दोपहर 12:20 बजे समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद अमावस्या तिथि शुरू होगी। शास्त्रों के अनुसार, पितृ तर्पण, श्राद्ध और पूर्वजों के निमित्त किए जाने वाले कार्यों के लिए 14 जून (रविवार) का दिन श्रेष्ठ है।
सोमवती अमावस्या और स्नान-दान (15 जून): 15 जून (सोमवार) को अमावस्या तिथि सुबह 08:24 बजे तक रहेगी। सोमवार के दिन अमावस्या होने से यह 'सोमवती अमावस्या' का दुर्लभ संयोग बना रही है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है।
15 जून को समाप्त होगा अधिकमास, शुरू होंगे शुभ कार्य
15 जून का दिन ज्योतिषीय और धार्मिक रूप से बहुत हलचल भरा रहने वाला है। इसी दिन पुरुषोत्तम मास का समापन होगा और सूर्य देव का राशि परिवर्तन (आषाढ़ संक्रांति) भी होगा। सोमवती अमावस्या के साथ ही श्री गंगा स्नान का भी प्रारंभ हो रहा है। अधिकमास खत्म होने के बाद विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों पर लगा प्रतिबंध हट जाएगा।
इस सप्ताह के अन्य महत्वपूर्ण व्रत और तिथियां (एक नज़र में)
10 जून (बुधवार): दशमी तिथि, एकादशी व्रत के नियमों का प्रारंभ।
12 जून (शुक्रवार): प्रदोष व्रत और एकादशी व्रत का पारण।
13 जून (शनिवार): मास शिवरात्रि, भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा का दिन।
15 जून (सोमवार): सोमवती अमावस्या, अधिकमास समापन और सूर्य की आषाढ़ संक्रांति।