एपस्टीन कांड में फंसेंगे कीर स्टार्मर? ब्रिटिश संसद में 'अग्निपरीक्षा', जा सकती है प्रधानमंत्री की कुर्सी

Post

India News Live,Digital Desk : ब्रिटिश राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। कुख्यात अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के काले कारनामों की छाया अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर तक पहुंच गई है। स्टार्मर पर आरोप है कि उन्होंने एपस्टीन के एक पूर्व सहयोगी की नियुक्ति के मामले में ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) को गुमराह किया है। अब इस मुद्दे पर संसद में मतदान होने जा रहा है, जो स्टार्मर के राजनीतिक भविष्य का फैसला कर सकता है।

क्या है पूरा विवाद? पीटर मेंडलसन और एपस्टीन कनेक्शन

विवाद की जड़ में हैं पीटर मेंडलसन, जिन्हें स्टार्मर सरकार ने 2024 में अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत नियुक्त किया था। नियुक्ति के वक्त पीएम स्टार्मर ने संसद को आश्वस्त किया था कि मेंडलसन का 'बैकग्राउंड चेक' पूरा हो चुका है और वह पूरी तरह बेदाग हैं।

लेकिन 2025 में 'एपस्टीन फाइल्स' सार्वजनिक होने के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ। दस्तावेजों के अनुसार, मेंडलसन ने मंत्री पद पर रहते हुए करीब 10 साल तक जेफ्री एपस्टीन को गोपनीय जानकारियां लीक की थीं। विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी और उनकी नेता केमी बेडेनॉक का आरोप है कि स्टार्मर ने जानबूझकर इस सच को छिपाया और संसद से झूठ बोला।

विशेषाधिकार समिति (Privileges Committee) की जांच का खतरा

संसद के स्पीकर लिंडसे होयल ने पुष्टि की है कि सांसदों की मांग पर इस मामले में वोटिंग कराई जाएगी। अगर यह वोटिंग स्टार्मर के खिलाफ जाती है, तो उनका मामला विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाएगा।

याद रहे: यही वह समिति है जिसकी जांच के कारण पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन को 'पार्टी गेट' घोटाले के बाद अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। यदि समिति स्टार्मर को दोषी पाती है, तो उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है।

स्टार्मर का बचाव: अधिकारियों पर फोड़ा ठीकरा

इस संकट से बचने के लिए कीर स्टार्मर ने बचाव की मुद्रा अपना ली है। उन्होंने विदेश विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों ने मेंडलसन की फेल हुई 'वेटिंग रिपोर्ट' (जांच रिपोर्ट) को उनसे छिपाया था। हालांकि, विपक्ष इस दलील को मानने को तैयार नहीं है और इसे जिम्मेदारी से भागने की कोशिश बता रहा है।

बहुमत का सहारा, लेकिन साख पर बट्टा

हालांकि ब्रिटिश संसद में कीर स्टार्मर की लेबर पार्टी के पास मजबूत बहुमत है, जिससे उनके वोटिंग हारने की संभावना कम है। लेकिन एपस्टीन जैसे घिनौने अपराधी से जुड़े मामले में नाम उछलने और संसद को गुमराह करने के आरोप ने उनकी 'मिस्टर क्लीन' वाली छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है। डोनाल्ड ट्रंप के साथ पहले से ही तनावपूर्ण रिश्तों के बीच, यह घरेलू संकट स्टार्मर के लिए दोहरी मुसीबत बन गया है।