June 2026 Wedding Dates: जून में कब-कब बजेंगी शहनाइयां? नोट कर लें विवाह के सबसे शुभ मुहूर्त और तिथियां

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India News Live,Digital Desk : साल 2026 के जून महीने में शादियों की धूम मचने वाली है। हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ का महीना विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस साल जून में ग्रहों की स्थिति और शुभ योगों का ऐसा अद्भुत संयोग बन रहा है, जो वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि लाने वाला है। यदि आप भी जून 2026 में परिणय सूत्र में बंधने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त की यह लिस्ट आपके बहुत काम आने वाली है।

ज्येष्ठ माह का धार्मिक महत्व और 'बड़ा मंगल'

सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह को भक्ति और शक्ति का प्रतीक माना गया है। इसी महीने में 'बुढ़वा मंगल' या 'बड़ा मंगल' मनाया जाता है, जो भगवान हनुमान और श्रीराम के मिलन का साक्षी है। ज्योतिषियों के अनुसार, ज्येष्ठ के महीने में विवाह करना उत्तम होता है, हालांकि लोक मान्यताओं के अनुसार कुछ क्षेत्रों में परिवार की ज्येष्ठ (पहली) संतान का विवाह इस महीने में टालने की परंपरा है। लेकिन शास्त्र सम्मत मुहूर्तों में विवाह करना हमेशा कल्याणकारी होता है।

मिथुन संक्रांति और सूर्य का प्रभाव

जून के महीने में 15 जून को सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मिथुन संक्रांति कहा जाता है। सूर्य का यह गोचर विवाह के मुहूर्तों में ऊर्जा और शुभता का संचार करता है।

जून 2026 विवाह के शुभ मुहूर्त (Wedding Dates in June 2026)

पंचांग के अनुसार, जून के उत्तरार्ध में लगातार कई शुभ तिथियां उपलब्ध हैं:

21 जून (रविवार): ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी। इस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग है, जो दाम्पत्य जीवन के लिए श्रेष्ठ है।

22 जून (सोमवार): ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी/नवमी। हस्त नक्षत्र और रवि योग की उपस्थिति इस दिन को मांगलिक कार्यों के लिए विशेष बनाती है।

23 जून (मंगलवार): ज्येष्ठ शुक्ल नवमी। हस्त और चित्रा नक्षत्र के साथ 'परिघ' योग का निर्माण हो रहा है।

24 जून (बुधवार): ज्येष्ठ शुक्ल दशमी/एकादशी। इस दिन चित्रा और स्वाति नक्षत्र के साथ रवि योग का मेल है।

25 जून (गुरुवार): ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी। इस दिन शिव-सिद्ध योग बन रहा है, जिसे विवाह के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।

26 जून (शुक्रवार): ज्येष्ठ शुक्ल द्वादशी/त्रयोदशी। विशाखा और अनुराधा नक्षत्र के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है।

27 जून (शनिवार): ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी। अनुराधा नक्षत्र और रवि योग का शुभ संयोग रहेगा।

29 जून (सोमवार): ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा। मूल नक्षत्र और भद्रावास योग के साथ यह जून महीने का अंतिम प्रमुख सावा होगा।

विवाह मुहूर्त चुनते समय रखें इन बातों का ध्यान

कुंडली मिलान: किसी भी तिथि को अंतिम रूप देने से पहले वर-वधू की कुंडली का मिलान अवश्य करवाएं।

स्थानीय परंपरा: अपने कुल पुरोहित से परामर्श लें, क्योंकि अलग-अलग क्षेत्रों में ज्येष्ठ माह को लेकर स्थानीय मान्यताएं भिन्न हो सकती हैं।

भद्रा काल: सुनिश्चित करें कि विवाह की मुख्य रस्म भद्रा काल के दौरान न हो।