नौकरियां हो जाएंगी गायब! Google और OpenAI के दिग्गजों ने AI को लेकर जारी की महा-चेतावनी
आने वाले दिनों में आपका काम करने का तरीका और आपकी नौकरी सुरक्षित रहेगी या नहीं, इसे लेकर अब तक की सबसे बड़ी और डरावनी चेतावनी सामने आई है। खास बात यह है कि यह वॉर्निंग किसी बाहरी एजेंसी ने नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बनाने वाली कंपनियों और दुनिया के सबसे बड़े अर्थशास्त्रियों ने मिलकर दी है। टेक दिग्गजों का साफ कहना है कि एआई का असली और सबसे खतरनाक असर अभी दिखना बाकी है।
"We Must Act Now": दिग्गजों ने क्यों लिखा खुला खत?
स्टैनफोर्ड डिजिटल इकोनॉमी लैब की पहल पर दुनिया भर के 200 से अधिक इकोनॉमिस्ट, रिसर्चर्स, टेक एग्जीक्यूटिव्स और गूगल, ओपनएआई (OpenAI) व एंथ्रोपिक (Anthropic) के सीनियर लीडर्स ने एक पब्लिक लेटर पर साइन किए हैं। इस लेटर का टाइटल "We Must Act Now" (हमें अब कदम उठाना होगा) रखा गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले एक दशक (10 साल) में एआई इतनी ताकतवर हो जाएगी कि इसका ग्लोबल इकोनॉमी पर असर औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) से भी कहीं ज्यादा बड़ा और बेहद तेज होगा।
सुरक्षा उपाय नहीं किए तो गायब हो जाएंगी नौकरियां
इस चेतावनी पत्र में साफ कहा गया है कि अगर समय रहते सरकारों ने सही नीतियां और सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए, तो मार्केट से नौकरियां पूरी तरह गायब हो जाएंगी। लाखों-करोड़ों कर्मचारी इस रेस में पीछे छूट जाएंगे। हालांकि, एक्सपर्ट्स ने यह भी माना कि एआई से कई फायदे हो सकते हैं, लेकिन बिना मजबूत पॉलिसी के यह तबाही का कारण बन सकता है। यह वॉर्निंग ऐसे समय में आई है जब कई स्टडीज पहले ही दावा कर चुकी हैं कि एआई इंसानी नौकरियों को तेजी से रीप्लेस कर रहा है।
लेटर पर साइन करने वाले दुनिया के बड़े नाम
इस ऐतिहासिक और गंभीर चेतावनी पत्र पर साइन करने वालों में टेक और इकोनॉमिक्स जगत के ये बड़े चेहरे शामिल हैं:
एरिक श्मिट (Eric Schmidt): गूगल के पूर्व सीईओ
रीड हॉफमैन (Reid Hoffman): लिंक्डइन के को-फाउंडर
जेफ डीन (Jeff Dean): गूगल एआई के लीडर
ओपनएआई की सीएफओ (Chief Financial Officer)
जैक क्लार्क (Jack Clark): एंथ्रोपिक के को-फाउंडर
नोबेल पुरस्कार विजेता: जोसेफ स्टिग्लिट्ज़, डैरोन ऐसमोग्लू, साइमन जॉनसन और माइकल स्पेंस।
इसके अलावा स्टैनफोर्ड, एमआईटी (MIT), हार्वर्ड और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के कई नामी प्रोफेसर।