दिशा सालियान केस में सूरज पंचोली का नाम आते ही भड़कीं जिया खान की मां राबिया
दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व टैलेंट मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज की गई नई एफआईआर के बाद मनोरंजन और सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज की गई इस एफआईआर में शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे, अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती, डिनो मोरिया और अभिनेता सूरज पंचोली सहित कई अन्य लोगों के नाम जांच के दायरे में शामिल किए गए हैं। दिशा सालियान केस की एफआईआर में जैसे ही सूरज पंचोली का नाम सामने आया, साल 2013 में जान गंवाने वाली अभिनेत्री जिया खान की मां राबिया खान का दर्द और गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा।
राबिया खान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा और भावुक नोट साझा करते हुए सिस्टम, पुलिसिया जांच और सबूतों से छेड़छाड़ को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि जो खेल उनकी बेटी जिया खान के केस में खेला गया था, वही स्क्रिप्ट अब दिशा सालियान के मामले में भी दोहराई जा रही है।
'वही नाम दोबारा सामने आना बेहद चिंताजनक': राबिया खान
राबिया खान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब उन्हें पता चला कि छह साल पहले हुई दिशा सालियान की मौत के मामले में भी वही नाम सामने आए हैं, तो उन्हें गहरा सदमा और दुख हुआ। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी बात है जिसे सुनकर हर नागरिक को सतर्क और चिंतित हो जाना चाहिए।
राबिया ने लिखा, "जिया के मामले से मैं अच्छी तरह जानती हूं कि जब पीड़ितों को गुमराह करने और धोखा देने के लिए अहम सबूतों को मिटा दिया जाता है या बदल दिया जाता है, तो क्या होता है। एक बार जब बुनियादी सबूत नष्ट हो जाते हैं, तो सच तक पहुंचना लगभग नामुमकिन बना दिया जाता है। आप पहले कदमों के निशान मिटा देते हैं और फिर कहते हैं कि हमें रास्ता ही नहीं मिला। पीड़ित और उनका परिवार जवाब पाने के पूरे हकदार हैं। दिशा भी सच्चाई की उतनी ही हकदार है, जितनी मेरी बेटी जिया थी। जांच एजेंसियों को हर एक सबूत को सुरक्षित रखना चाहिए, न कि उसे गायब होने देना चाहिए।"
'सबूतों की कमी बताकर केस रफा-दफा करने की साजिश'
जिया खान की मां ने आरोप लगाया कि हाई कोर्ट ने खुद माना है कि दिशा सालियान मामले की शुरुआती जांच में गंभीर खामियां थीं। जब अहम सबूत पहले ही गायब या नष्ट हो चुके हों, तो नई जांच के सामने बहुत बड़ी बाधा खड़ी हो जाती है।
राबिया ने कहा कि अधिकारी पुरानी गलतियों और तौर-तरीकों को दोहरा रहे हैं। उन्होंने कहा, "अंत में ये लोग वही तरीका अपनाएंगे—'सबूतों की कमी' का बहाना बनाकर न्याय की राह बंद कर दी जाएगी और इसे महज 'आत्महत्या के लिए उकसाना' (Abetment to Suicide) करार देकर बंद कर दिया जाएगा, जबकि इस बात की भी कभी ईमानदारी से गहराई से जांच नहीं की गई। ठीक जिया के मामले की तरह ही दिशा के केस में भी वही हथकंडा अपनाया जा रहा है। बरी हो जाना या क्लोजर रिपोर्ट दाखिल हो जाने का मतलब यह कतई नहीं होता कि सच सामने आ गया है, खासकर तब जब जरूरी सबूतों की कभी ठीक से हिफाजत ही न की गई हो। सिस्टम बार-बार सबूतों को बचाने में क्यों नाकाम हो जाता है, इस पर सवाल उठना जरूरी है।""
सूरज पंचोली ने आरोपों पर दी सफाई
दूसरी तरफ, एफआईआर में नाम आने और सोशल मीडिया पर फिर से विवाद छिड़ने के बाद अभिनेता सूरज पंचोली ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। सूरज पंचोली ने एक पोस्ट जारी कर साफ किया कि उनका दिशा सालियान से कभी कोई वास्ता नहीं रहा।
सूरज ने कहा, "पिछले कई सालों से अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स और बयानों के जरिए मुझे बेवजह इस दुखद मामले में घसीटा जा रहा है। मैं बहुत साफ शब्दों में कहना चाहता हूं कि मैंने अपनी पूरी जिंदगी में दिवंगत दिशा सालियान से न तो कभी सीधे और न ही किसी अन्य माध्यम से मुलाकात की है। यहां तक कि मैं आदित्य ठाकरे से भी कभी निजी तौर पर नहीं मिला हूं। मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।"" गौरतलब है कि जिया खान सुसाइड मामले में 10 साल लंबे चले ट्रायल के बाद विशेष सीबीआई अदालत ने अप्रैल 2023 में सबूतों के अभाव में सूरज पंचोली को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। अब दिशा सालियान मामले में सीबीआई जांच आगे बढ़ने के साथ यह मामला एक बार फिर कानूनी और सियासी चर्चाओं के केंद्र में आ गया है।